केरल सरकार निपाह वायरस से निपटने में ‘उदासीन’ रही है: विजयन

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केरल सरकार निपाह वायरस से निपटने में ‘उदासीन’ रही है: विजयन

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  • Publish Date - June 13, 2026 / 04:05 PM IST,
    Updated On - June 13, 2026 / 04:05 PM IST

कोझिकोड (केरल), 13 जून (भाषा) केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन ने शनिवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार निपाह वायरस के प्रकोप से निपटने में ‘‘उदासीन’’ रही है।

रामनट्टुकरा के 43 वर्षीय एक व्यक्ति को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में 10 जून को भर्ती कराया गया था और जांच में पुष्टि हुई कि वह निपाह से संक्रमित है।

पूर्व मुख्यमंत्री विजयन ने यहां पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि निपाह वायरस का प्रकोप एक ऐसा मुद्दा है जिससे अत्यंत गंभीरता से निपटा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘यहां चिंता इस बात को लेकर है कि क्या स्थिति को उस गंभीरता के साथ संभाला जा रहा है। मैं चिकित्सकों के हस्तक्षेप की बात नहीं कर रहा हूं। मेरा मतलब यह है कि स्वास्थ्य विभाग और सरकार को पहल करते हुए पूरे स्वास्थ्य तंत्र को पूरी तरह सक्रिय करना चाहिए और आवश्यक कदम उठाने चाहिए।’’

विजयन ने आरोप लगाया कि ऐसा कोई प्रयास फिलहाल दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘स्वास्थ्य मंत्री अभी तक यहां नहीं आए हैं और न ही उन्होंने सीधे हस्तक्षेप किया है। स्वास्थ्य मंत्री की उपस्थिति सभी संबंधित अधिकारियों में ऊर्जा भरने में मदद करती है। मैं अभी अन्य पहलुओं में नहीं जाना चाहता, लेकिन यह सही दृष्टिकोण नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि निपाह की गंभीरता के बारे में सभी लोग अवगत हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को अधिक सख्त एहतियाती और जागरूकता संबंधी कदम उठाने चाहिए। ऐसा अब तक नहीं हुआ है और ऐसा तुरंत किया जाना चाहिए।’’

निपाह एक जूनोटिक (पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाला) वायरस है, जो पशुओं से मनुष्यों में तथा कुछ मामलों में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है।

फ्रूट बैट (फलाहारी चमगादड़), जिन्हें ‘फ्लाइंग फॉक्स’ भी कहा जाता है, इस वायरस के प्राकृतिक वाहक माने जाते हैं। यह संक्रमण गंभीर श्वसन संबंधी बीमारी और मस्तिष्क ज्वर (एन्सेफलाइटिस) का कारण बन सकता है तथा इसकी मृत्यु दर काफी अधिक होती है।

भाषा देवेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल