चंडीगढ़, 13 जून (भाषा) हरियाणा में बिजली क्षेत्र के सुधारों को बढ़ावा देते हुए वितरण सुधार समिति (डीआरसी) ने संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत 912.70 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बिजली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता वाली समिति ने इस प्रस्ताव को आगे विचार और स्वीकृति के लिए पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) और विद्युत मंत्रालय को भेजने की भी मंजूरी दी है।
नई परियोजनाओं में पलवल और नूंह जिलों को शामिल करते हुए पलवल क्षेत्र में हानि कम करने के कार्यों के लिए 169 करोड़ रुपये, 33 किलोवोल्ट क्षमता वाले 30 नए विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना तथा 72 मौजूदा उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि के लिए 414 करोड़ रुपये और हिसार सहित अन्य शहरों में विद्युत व्यवस्था की निगरानी एवं प्रबंधन प्रणाली लागू करने के लिए 329.70 करोड़ रुपये शामिल हैं।
बयान के मुताबिक, यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब हरियाणा की विद्युत वितरण कंपनियां पारेषण क्षति में उल्लेखनीय कमी और परिचालन दक्षता में सुधार के बल पर देश की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली कंपनियों में शामिल हो गई हैं।
शुक्रवार को हुई बैठक में मुख्य सचिव ने दक्षिण हरियाणा विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और उत्तर हरियाणा विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित की जा रही परियोजनाओं की समीक्षा की।
समीक्षा में बताया गया कि दक्षिण हरियाणा विद्युत वितरण निगम ने कुल तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों को वित्त वर्ष 2020-21 के 16.93 प्रतिशत से घटाकर 2024-25 में 9.54 प्रतिशत कर दिया है। इस दौरान उत्तर हरियाणा विद्युत वितरण निगम इन हानियों को 17.21 प्रतिशत से घटाकर 9.33 प्रतिशत पर लाई है।
दोनों कंपनियों का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत 15.04 प्रतिशत से बेहतर रहा है, जो विद्युत क्षेत्र सुधारों और हानि नियंत्रण उपायों की सफलता को दर्शाता है।
भाषा योगेश प्रेम
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