कोच्चि, 19 मार्च (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने केआईआईएफबी मसाला बॉन्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस के संबंध में किसी भी कार्रवाई पर अपनी रोक को 6 अप्रैल तक बढ़ा दिया है।
न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस ने राज्य के पूर्व वित्त मंत्री थॉमस इसाक और विजयन के मुख्य प्रधान सचिव तथा केआईआईएफबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के.एम. अब्राहम को भी यही अंतरिम राहत दी।
इस मामले पर अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी।
अदालत ने 18 दिसंबर, 2025 को कारण बताओ नोटिस पर आगे की कार्रवाई पर तीन महीने के लिए रोक लगा दी थी।
यह अंतरिम आदेश विजयन, इसाक और अब्राहम द्वारा दायर संयुक्त याचिका पर आया, जिसमें उन्होंने पिछले साल नवंबर में जारी किए गए प्रवर्तन निदेशालय के कारण बताओ नोटिस को रद्द करने की मांग की थी।
ये नोटिस केरल अवसंरचना निवेश वित्तपोषण बोर्ड (केआईआईएफबी) द्वारा बुनियादी संरचना परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण हेतु मसाला बॉन्ड फंड के इस्तेमाल के संबंध में जारी किए गए थे।
ईडी ने नवंबर में केआईआईएफबी मसाला बॉन्ड मामले में विजयन, इसाक और अब्राहम को 467 करोड़ रुपये के फेमा उल्लंघन के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
यह नोटिस केआईआईएफबी और उसके अधिकारियों द्वारा फेमा के प्रावधानों और आरबीआई के निर्देशों के कथित उल्लंघन से संबंधित है, जिसकी राशि 466.91 करोड़ रुपये है।
भाषा वैभव नरेश
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