कन्नूर/तिरुवनंतपुरम, 25 फरवरी (भाषा) केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज बुधवार को यहां कन्नूर रेलवे स्टेशन पर विपक्षी कांग्रेस के छात्र संगठन केएसयू के कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर घायल हो गईं। यह जानकारी पुलिस ने दी।
केरल छात्र संघ (केएसयू) और प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने इन आरोपों का खंडन किया।
अधिकारियों ने बताया कि यह कथित घटना तब घटी जब मंत्री कल्याद अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन करने के बाद वंदे भारत ट्रेन में सवार होने के लिए स्टेशन पहुंची थीं।
राज्य विधानसभा अध्यक्ष ए. एन. शमसीर रेलवे स्टेशन पर मौजूद थे। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि मंत्री के हाथ और गर्दन में चोटें आई हैं।
समाचार चैनलों द्वारा प्रसारित दृश्यों में पुलिसकर्मियों के साथ मंत्री प्रदर्शनकारियों के बीच घिरी दिख रही हैं। इस दौरान काले झंडे लिए प्रदर्शनकारियों और उनके बीच तीखी नोंकझोंक होती दिख रही है।
पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को काबू में करते हुए देखा गया। इस घटना के संबंध में कम से कम पांच केएसयू कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता पी. जयराजन ने बताया कि मंत्री जॉर्ज को यहां के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज गहन चिकित्सा इकाई में किया जा रहा है।
यह घटना तिरुवनंतपुरम में मंत्री के आवास के बाहर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन के कुछ दिनों बाद हुई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई साल पहले अलाप्पुझा के वंदनम सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक शल्य चिकित्सा चूक से जुड़े कथित चिकित्सा लापरवाही मामले को लेकर मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी।
कन्नूर की घटना से चुनावी राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, जिसके चलते सत्तारूढ़ माकपा और उसकी युवा शाखा डीवाईएफआई ने केरल के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए।
केएसयू नेताओं ने कहा कि उनके सदस्यों ने केवल शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया और घटना की पुष्टि के लिए रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज जारी करने की मांग की।
सत्ताधारी माकपा ने घटना के पीछे साजिश का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस नेताओं ने इस आरोप को खारिज करते हुए सरकार पर मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने अस्पताल में जॉर्ज से मुलाकात की और घटना की निंदा की।
मुख्यमंत्री विजयन ने एक बयान में कहा कि स्वास्थ्य मंत्री पर कन्नूर रेलवे स्टेशन पर हमला उस समय हुआ जब वह प्लेटफार्म की ओर जा रही थीं।
विजयन ने कहा, ‘वहां जो कुछ हुआ वह किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि हिंसक व्यक्तियों के एक समूह का उपद्रव था।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल में भारत की सर्वश्रेष्ठ सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों में से एक है, जिसे आधिकारिक एजेंसियों ने भी मान्यता दी है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह कुछ घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करके एक ऐसे मंत्री को निशाना बना रही है जिनकी इसमें कोई संलिप्तता नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा कृत्य राजनीति नहीं, बल्कि राजनीतिक पतन है।’’
कांग्रेस नेतृत्व को चेतावनी देते हुए विजयन ने कहा कि उन्हें यह नहीं सोचना चाहिए कि वे ‘अपने समर्थकों को उकसा कर कानून-व्यवस्था बिगाड़ सकते हैं या राज्य में अशांति फैला सकते हैं।’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. सुधाकरन ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जॉर्ज भले ही अच्छी स्वास्थ्य मंत्री ना हों, लेकिन उन्होंने यह साबित किया कि वह एक अच्छी अभिनेत्री हैं।
उन्होंने कहा कि माकपा द्वारा स्वास्थ्य मंत्री पर हमले के जो आरोप फैलाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं और माकपा द्वारा रचा गया एक राजनीतिक नाटक है। उनके अनुसार, घटना से संबंधित प्रसारित दृश्यों की बारीकी से गौर करने पर स्पष्ट होता है कि हमले और चोटों के दावों का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने इसी तरह का विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नेतृत्व द्वारा की गई प्रारंभिक जांच और अब तक टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित दृश्यों के आधार पर स्पष्ट है कि केएसयू कार्यकर्ताओं ने केवल विरोध प्रदर्शन किया और एक भी व्यक्ति मंत्री के पास नहीं गया।
उन्होंने कहा कि मौके पर तीन-चार केएसयू कार्यकर्ता और लगभग तीस से पैंतीस पुलिसकर्मी मौजूद थे।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘अभी तक केवल मंत्री के चिल्लाते हुए और प्रदर्शनकारियों की ओर बढ़ते हुए दृश्य ही जारी किए गए हैं। अगर केएसयू कार्यकर्ताओं की ओर से कोई गड़बड़ी हुई है, तो कार्रवाई की जाएगी। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, कोई भी कार्यकर्ता मंत्री के पास नहीं गया।’’
माकपा महासचिव एमए बेबी ने कहा कि केएसयू कार्यकर्ताओं द्वारा जॉर्ज पर किया गया हमला बेहद निंदनीय है और इसका कड़ा विरोध होना चाहिए। उन्होंने एक बयान में आरोप लगाया, ‘‘आगामी चुनावों में हार के डर से विपक्ष केरल में कानून व्यवस्था बिगाड़ने के लिए आपराधिक गिरोहों को उकसा रहा है और इस तरह के तरीकों से सत्ता हथियाने की कोशिश कर रहा है।’’
भाषा अमित अविनाश
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