केरलम: आईयूएमएल ने आबादी के आधार पर जिलों के पुनर्गठन की मांग की
केरलम: आईयूएमएल ने आबादी के आधार पर जिलों के पुनर्गठन की मांग की
मलप्पुरम (केरलम), 24 अगस्त (भाषा) इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने सोमवार को कहा कि संसाधनों का समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए केरलम में जिलों का पुनर्गठन आबादी के आधार पर किया जाना चाहिए।
पार्टी ने यह बात अलग मुवाट्टुपुझा जिले की मांग को लेकर फिर शुरू हुई बहस के बीच कही।
कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की प्रमुख सहयोगी आईयूएमएल से जुड़े विभिन्न संगठनों की ओर से बढ़ती आबादी के मद्देनजर मुस्लिम बहुल मलप्पुरम जिले के विभाजन की मांग की जाती रही है।
दक्षिणपंथी राजनीतिक संगठनों ने लीग की इस मांग का विरोध करते हुए कहा है कि इसके व्यापक राजनीतिक प्रभाव हो सकते हैं।
आईयूएमएल के केरल महासचिव पी एम ए सलाम ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि लीग किसी खास क्षेत्र में जिला बनाने की मांग नहीं कर रही बल्कि वह आबादी के आधार पर जिलों के पुनर्गठन की पक्षधर है।
सलाम ने कहा, “लीग यह नहीं कह रही है कि किसी खास क्षेत्र या स्थान पर जिला बनाया जाना चाहिए। हमारा मानना है कि आबादी के आधार पर जिलों का पुनर्गठन होना चाहिए अन्यथा संसाधनों के आवंटन में भेदभाव होगा।”
उन्होंने कहा कि 45 लाख से अधिक आबादी वाले मलप्पुरम और करीब 10 लाख आबादी वाले पथनमथिट्टा को जिला स्तर पर समान सुविधाएं मिल रही हैं।
सलाम ने कहा, “हर केरलमवासी को वे लाभ और अन्य सुविधाएं मिलनी चाहिए, जिनका वह हकदार है। बीस लाख की आबादी वाले जिलों में मलप्पुरम जिले की तुलना में अधिक तालुक हैं। इस तरह की विसंगतियों को बदला जाना चाहिए।”
सलाम ने कहा कि लीग के रुख को केवल मलप्पुरम के विभाजन या तिरूर को मुख्यालय बनाकर नया जिला बनाने की मांग के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “यह लीग का स्पष्ट रुख है। इसका मतलब यह नहीं है कि केवल मलप्पुरम जिले का विभाजन किया जाना चाहिए। हम यह नहीं कह रहे हैं कि तिरूर को मुख्यालय बनाकर मलप्पुरम जिले को दो हिस्सों में बांटा जाए। आबादी के आधार पर पुनर्गठन जरूरी है।”
सलाम की यह टिप्पणी मुख्यमंत्री वी डी सतीशन के एक दिन पहले दिए गए उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार अलग मुवाट्टुपुझा जिला बनाने की मांग पर विचार करेगी।
सतीशन एर्नाकुलम जिले में मुवाट्टुपुझा नगरपालिका द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले मुवाट्टुपुझा के विधायक मैथ्यू कुझलनादन ने आरोप लगाया था कि एलडीएफ सरकार के 10 साल के शासन के दौरान इस क्षेत्र की अनदेखी की गई और उन्होंने अलग जिला बनाने की मांग फिर उठाई।
मुवाट्टुपुझा वर्तमान में एर्नाकुलम जिले का हिस्सा है और इडुक्की की सीमा के करीब स्थित है। विभिन्न संगठन लंबे समय से पूर्वी एर्नाकुलम के कुछ हिस्सों और इडुक्की के निचले इलाकों को मिलाकर अलग जिला बनाने की मांग करते रहे हैं।
सतीशन ने कहा कि उन्होंने कुझलनादन द्वारा उठाई गई शिकायतों पर ध्यान दिया है और आश्वासन दिया कि मुवाट्टुपुझा में विकास से जुड़े पिछड़ेपन दूर किया जाएगा।
सतीशन ने कहा था, “मुझे थोड़ा दुख हुआ क्योंकि मुवाट्टुपुझा मेरे अपने जिले से अलग हो जाएगा। फिर भी, इस मामले पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। यह सरकार परिसीमन आयोग बनाएगी। उस प्रक्रिया में इस मांग पर निश्चित रूप से विचार किया जाएगा।”
भाषा राखी अविनाश
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