तिरुवनंतपुरम, तीन मई (भाषा) केरल में विभिन्न दलों के नेताओं और उम्मीदवारों ने चार मई को घोषित होने वाले विधानसभा चुनाव परिणामों से पहले जीत का भरोसा जताया।
केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान नौ अप्रैल को हुआ था।
केरल के मंत्री पी ए मोहम्मद रियास ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य भर में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत एलडीएफ के लिए स्थिति अनुकूल है।
कोझिकोड जिले के बेपोर से यूडीएफ समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार पी वी अनवर के खिलाफ चुनाव लड़े रियास ने कहा कि गठबंधन को उनके निर्वाचन क्षेत्र और राज्य भर में आसानी से जीत मिलेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘बेपोर के साथ-साथ पूरे केरल में एलडीएफ को शानदार जीत मिलेगी।’’
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन रविवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र (उत्तर परवूर) में मौजूद थे, उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि वह परिणाम घोषित होने के बाद भी कुछ कहेंगे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता वी मुरलीधरन ने कहा कि मतदाताओं की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि भाजपा नीत राजग के लिए समर्थन बढ़ रहा है। मुरलीधरन ने कझाकूटम निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा है।
मुरलीधरन का मुकाबला माकपा के मौजूदा विधायक के. सुरेंद्रन और कांग्रेस उम्मीदवार टी शरतचंद्र प्रसाद से है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हालांकि शुरू में यह मुकाबला त्रिकोणीय होने की उम्मीद थी, लेकिन बाद में यह एलडीएफ और राजग के बीच की लड़ाई में बदल गया। इस निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा का पलड़ा साफ तौर पर भारी है।’’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने कहा कि यूडीएफ चुनाव में विजयी होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा आकलन है कि कांग्रेस नीत यूडीएफ विजयी होगा।’’
अरनमुला से चुनाव लड़े वरिष्ठ भाजपा नेता कुम्मनम राजशेखरन ने कहा कि पार्टी को इस सीट पर जीत का पूरा भरोसा है।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को राज्य में अपना खाता खुलने की उम्मीद है।
वट्टियूरकावु से उम्मीदवार कांग्रेस नेता के. मुरलीधरन ने कहा कि उन्हें जीत का भरोसा है।
भाषा शोभना रंजन
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