कोलकाता, तीन मई (भाषा) पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना से एक दिन पहले, रविवार को उत्तर 24 परगना जिले में भारतीय जनता पार्टी के एक नेता के आवास के बाहर हुई गोलीबारी की घटना में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता कुंदन सिंह ने पुलिस में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया है कि शनिवार आधी रात के आसपास नोआपारा निर्वाचन क्षेत्र में उनके घर पर कुछ बंदूकधारियों ने गोलीबारी की।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
नुआपाड़ा से भाजपा उम्मीदवार अर्जुन सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया कि रात करीब 12:05 बजे दो हथियारबंद बदमाश मोटरसाइकिल पर सवार होकर भाजपा पदाधिकारी और बैरकपुर संगठनात्मक जिला सचिव कुंदन सिंह के आवास पर उन्हें जान से मारने की नीयत से पहुंचे।
भाजपा नेता के अनुसार, आरोपी गरुलिया के निवासी हैं और कुख्यात अपराधी हैं।
उन्होंने बताया कि उनके नाम अपराधियों के रूप में चुनाव आयोग को सौंप दिए गए हैं।
पुलिस अधिकारी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्ति वही हैं जिनका नाम अर्जुन सिंह ने लिया था।
शिकायत के अनुसार, कुंदन सिंह के घर के बाहर एक बार गोलीबारी हुई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
भाजपा उम्मीदवार ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि आरोपियों में से एक को मतदान के दिन पुलिस ने हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में शाम को रिहा कर दिया गया।
प्रदेश में इस विधानसभा सीट पर 29 अप्रैल को मतदान हुआ था।
कई भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मतगणना से पहले भय का माहौल बनाने और विपक्षी दलों के संगठन को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मतगणना चार मई को होगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 23 और 29 अप्रैल को हुआ था।
भाजपा ने चुनाव आयोग से शांतिपूर्ण मतगणना सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।
तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार सोमनाथ श्याम ने अर्जुन सिंह के आरोप को खारिज करते हुए दावा किया कि भाजपा उम्मीदवार ने आसन्न हार से ध्यान हटाने के लिए गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया था।
श्याम ने कहा, “अर्जुन सिंह बैरकपुर इलाके के सभी गैंगस्टरों को जानता है। अंडरवर्ल्ड से उसके संबंधों के बारे में सभी जानते हैं। पुलिस को घटना की जांच करने दीजिए।”
भाषा तान्या रंजन
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