नयी दिल्ली, तीन मई (भाषा) राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने उत्तर प्रदेश के कौशांबी स्थित एक मेडिकल कॉलेज में सर्जरी के दौरान अनधिकृत रूप से एक महिला की निजी तस्वीरें लेने और प्रसारित करने की खबरों पर स्वतः संज्ञान लिया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हाल में कौशांबी के एक सरकारी स्वायत्त राज्य मेडिकल कॉलेज में सर्जरी के दौरान कथित तौर पर 22-वर्षीय एक महिला मरीज के चेहरे और जननांगों को दर्शाने वाली आपत्तिजनक तस्वीरें अधिकारियों और मीडियाकर्मियों से जुड़े व्हाट्सऐप ग्रुप में प्रसारित की गईं।
आयोग ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि दोषियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए, उनकी पहचान की जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने सामग्री को हटाने के लिए तुरंत साइबर हस्तक्षेप करने और संस्थान के भीतर सुरक्षा खामियों की गहन जांच का भी निर्देश दिया।
आयोग ने कहा कि सात दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है।
एनसीडब्ल्यू ने इस घटना को चिकित्सा नैतिकता, गरिमा और निजता के मौलिक अधिकार का ‘गंभीर’ उल्लंघन बताया और स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा एवं जवाबदेही के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा कीं।
इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए आयोग ने कहा कि ऐसे कृत्य ‘‘निंदनीय’’ हैं, संबंधित कानूनों के तहत अपराध हैं और पीड़िता को ‘‘गंभीर मनोवैज्ञानिक आघात’’ पहुंचाते हैं, साथ ही चिकित्सा प्रणालियों में जनता के विश्वास को भी ठेस पहुंचाते हैं।
आयोग ने पीड़िता की पहचान की सुरक्षा और आवश्यक कानूनी एवं मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करने के लिए कदम उठाए जाने की भी मांग की है और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) से एनएमसी अधिनियम, 2019 तथा संबंधित विनियमों के तहत उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
भाषा सुरभि सुरेश
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