केरल: वलयार बहनों की मां ने मुख्यमंत्री विजयन के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा की

केरल: वलयार बहनों की मां ने मुख्यमंत्री विजयन के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा की

केरल: वलयार बहनों की मां ने मुख्यमंत्री विजयन के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा की
Modified Date: November 29, 2022 / 08:19 pm IST
Published Date: March 16, 2021 1:16 pm IST

त्रिशूर, 16 मार्च (भाषा) वर्ष 2017 में बलात्कार के बाद अपने घर में बाद मृत पाई गई दो नाबालिग लड़कियों की मां ने मंगलवार को कहा कि वह धर्मदम में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के विरुद्ध चुनाव लड़ेंगी।

उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच कर रहे लोगों के खिलाफ सरकार द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर उन्होंने विरोध स्वरूप यह फैसला लिया है।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, “मैं अपनी बेटियों के लिए न्याय चाहती हूं। मैंने तिरुवनंतपुरम में मुख्यमंत्री से मुलाकात की, मैं रोई और अपनी बच्चियों की मौत के जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने की गुहार लगाई। मैं विजयन के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लडूंगी। संघ परिवार को छोड़कर हम सभी का समर्थन लेंगे।”

धर्मदम से दोबारा चुने जाने की उम्मीद में मुख्यमंत्री ने सोमवार को नामांकन भरा था।

लड़कियों की मां ने मामले की जांच करने वाले दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ कथित रूप से सरकार द्वारा कार्रवाई न करने पर सिर मुंडवा लिया था।

उक्त महिला अब पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कासरगोड से तिरुवनंतपुरम की “नीति यात्रा” कर रही है जो चार अप्रैल को खत्म होगी।

धर्मदम से भाजपा ने अपने प्रदेश अध्यक्ष सी के पद्मनाभन को उतारा है और कांग्रेस नीत यूडीएफ गठबंधन द्वारा उम्मीदवार का ऐलान किया जाना अभी बाकी है।

केपीसीसी अध्यक्ष एम. रामचंद्रन ने कहा कि महिला ने धर्मदम से चुनाव लड़ने का फैसला कर सही किया है।

केरल उच्च न्यायालय द्वारा मुकदमा दोबारा जांच शुरू करने का आदेश जारी किए जाने के बाद, एलडीएफ सरकार ने दोनों बहनों की मौत के मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय जनवरी में लिया था।

राज्य सरकार और लड़कियों की मां की ओर से दायर याचिका को अनुमति देते हुए अदालत ने इस साल छह जनवरी को मुकदमा दोबारा शुरू करने का आदेश दिया था और कहा था कि जांच में गंभीर खामियां है।

पलक्कड़ जिले के वलयार में 13 जनवरी 2017 को 13 वर्षीय एक लड़की को अपनी झोपड़ी में फांसी के फंदे पर लटका हुआ पाया गया था और चार मार्च को उसकी नौ वर्षीय बहन की मौत भी इसी तरह हुई थी।

भाषा यश नरेश

नरेश


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