अधिकारिता विवाद: दिल्ली उच्च न्यायालय के वकीलों ने मंत्री से मुलाकात के बाद हड़ताल खत्म की

अधिकारिता विवाद: दिल्ली उच्च न्यायालय के वकीलों ने मंत्री से मुलाकात के बाद हड़ताल खत्म की

अधिकारिता विवाद: दिल्ली उच्च न्यायालय के वकीलों ने मंत्री से मुलाकात के बाद हड़ताल खत्म की
Modified Date: July 16, 2026 / 10:41 pm IST
Published Date: July 16, 2026 10:41 pm IST

नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय के वकीलों ने जिला अदालतों की आर्थिक अधिकारिता दो करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव के विरोध में की जा रही हड़ताल बृहस्पतिवार को अस्थायी रूप से खत्म कर दी।

दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन (डीएचसीबीए) ने कहा कि केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय के साथ हुई बैठकों के बाद वकील शुक्रवार से काम पर लौटेंगे।

बार एसोसिएशन ने बृहस्पतिवार को पारित एक प्रस्ताव में अपने सदस्यों के पूर्ण सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

वकील 14 जुलाई से हड़ताल पर थे।

प्रस्ताव में कहा गया कि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने बार एसोसिएशन से प्रतिवेदन मांगा है।

दिल्ली की जिला अदालतों की आर्थिक अधिकारिता को बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये करने की मांग दिल्ली की सभी जिला अदालत बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति की काफी समय से लंबित मांग रही है।

उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन ने इस कदम का विरोध किया है और दावा किया है कि इससे वकीलों की प्रैक्टिस, आजीविका और पेशेवर हित प्रभावित होंगे।

फिलहाल, दो करोड़ रुपये से अधिक मूल्य वाले दीवानी और वाणिज्यिक मामलों की सुनवाई उच्च न्यायालय में होती है। प्रस्तावित बदलाव के बाद जिला अदालतें 10 करोड़ रुपये तक मूल्य वाले मामलों की सुनवाई कर सकेंगी।

डीएचसीबीए ने उच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ द्वारा जिला अदालतों की आर्थिक अधिकारिता बढ़ाने के पक्ष में रुख अपनाए जाने के बाद 14 जुलाई को हड़ताल का फैसला किया था।

एसोसिएशन ने 13 जुलाई को अपनी कार्यकारी समिति द्वारा पारित प्रस्ताव में कहा था कि प्रस्तावित बदलाव से वकीलों की प्रैक्टिस, आजीविका और पेशेवर हित प्रभावित होंगे, क्योंकि इससे उच्च न्यायालय में आने वाले मामलों में करीब 70 प्रतिशत की कमी आ जाएगी।

भाषा जोहेब संतोष

संतोष


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