केरल: पूर्व मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मियों को हमले के मामले में नोटिस

केरल: पूर्व मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मियों को हमले के मामले में नोटिस

केरल: पूर्व मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मियों को हमले के मामले में नोटिस
Modified Date: June 18, 2026 / 03:50 pm IST
Published Date: June 18, 2026 3:50 pm IST

कोच्चि, 18 जून (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर कथित हमले से जुड़े एक मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के पांच पूर्व सुरक्षाकर्मियों की अग्रिम जमानत रद्द करने की याचिकाओं पर बृहस्पतिवार को उनसे जवाब मांगा।

न्यायमूर्ति सी. एस. डायस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) की उन याचिकाओं पर अनिल कुमार एस, संदीप एस, शैजू वी. के., अरुण आर और विपिन वी. वी. को नोटिस जारी किए जिनमें एक सत्र अदालत द्वारा नौ जून को उन्हें दी गई राहत को रद्द करने का अनुरोध किया गया है।

संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की सरकार ने इस घटना की नए सिरे से जांच करने के लिए एक एसआईटी का गठन किया था।

अलाप्पुझा सत्र अदालत ने नौ जून को यह कहते हुए पांचों आरोपियों की अग्रिम जमानत मंजूर कर ली थी कि पहली नजर में उन पर जानलेवा हमले (गैर-इरादतन हत्या के प्रयास) का मामला नहीं बनता।

यह मामला दिसंबर 2023 में अलाप्पुझा में हुई एक घटना से जुड़ा है, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके मंत्री ‘नव केरल सदास’ जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत जिले से गुजर रहे थे। उस दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत तत्कालीन सरकार के खिलाफ काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन किया था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के विजयन को ले जा रही बस की ओर दौड़ने के बाद मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मियों ने लाठियों से उन पर कथित तौर पर हमला कर दिया था।

इस घटना में वर्तमान अलाप्पुझा विधायक ए. डी. थॉमस सहित दो लोग घायल हो गए थे।

कांग्रेस नीत यूडीएफ के सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने एसआईटी के गठन की घोषणा की थी। इसके बाद जांच दल ने आरोपी सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या के प्रयास की गंभीर धारा जोड़ी थी।

भाषा सुमित नरेश

नरेश


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