केरल: राधाकृष्णन ने पूर्व एलडीएफ सरकार में कम अल्कोहल वाली शराब नीति के समर्थन का आरोप खारिज किया

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केरल: राधाकृष्णन ने पूर्व एलडीएफ सरकार में कम अल्कोहल वाली शराब नीति के समर्थन का आरोप खारिज किया

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  • Publish Date - June 28, 2026 / 02:54 PM IST,
    Updated On - June 28, 2026 / 02:54 PM IST

कोट्टायम (केरल), 28 जून (भाषा) केरल विधानसभा के अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन ने इन आरोपों को रविवार को खारिज कर दिया कि पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के कार्यकाल में विधानसभा की विषय समिति का सदस्य रहते हुए उन्होंने कम अल्कोहल वाली शराब की बिक्री की अनुमति देने के लिए आबकारी अधिनियम में संशोधन का समर्थन किया था।

मौजूदा संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के बजट में कम अल्कोहल वाले पेय पदार्थों पर कर घटाने के प्रस्ताव की एलडीएफ ने आलोचना की है। वहीं, सत्तारूढ़ मोर्चे का कहना है कि ऐसे पेय पदार्थों की बिक्री की अनुमति पिछली वाम सरकार के कार्यकाल में ही दे दी गई थी।

हालांकि, एलडीएफ नेताओं का कहना है कि इस कदम को विधानसभा की उस विषय समिति की मंजूरी मिली थी, जिसमें राधाकृष्णन सहित यूडीएफ के नेता भी शामिल थे।

राधाकृष्णन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि विषय समिति की बैठक के विवरण में यह गलत तरीके से दर्ज किया गया कि पिछली एलडीएफ सरकार की शराब नीति में प्रस्तावित संशोधनों पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं थी।

उन्होंने कहा कि वह बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए थे, लेकिन विवरण में दर्ज किया गया कि उन्होंने कोई असहमति नहीं जताई।

राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘उन दस्तावेजों की जांच करने के बाद मैंने तत्कालीन मंत्री के. एन. बालगोपाल को लिखित रूप से अपनी असहमति सौंपी थी।’’

उन्होंने कहा कि उन्होंने शराब बनाने वाली एक कंपनी का लाइसेंस शुल्क घटाने और सूचना प्रौद्योगिकी केंद्रों में बार खोलने की अनुमति देने के प्रस्तावों का भी विरोध किया था।

राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘उस समय भी मेरा वही रुख था, जो आज है और आगे भी रहेगा कि ऐसे कदम स्वीकार्य नहीं हैं। हमारे रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अब जानबूझकर उनका नाम इस विवाद में घसीट रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘केरल में जुए की गतिविधियों को अनुमति देने के प्रस्ताव से जुड़ी एक अन्य फाइल भी थी। आप रिकॉर्ड की जांच करके देख सकते हैं कि उसपर मेरी क्या राय थी। मैंने स्पष्ट रूप से कहा था कि जुए की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि विषय समिति के समक्ष शराब से जुड़े प्रस्ताव आने पर उन्होंने और उनकी पार्टी ने लगातार उनका विरोध किया।

राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘विषय समिति के समक्ष आए तीनों प्रमुख मामलों में हमने जनहित का रुख अपनाया। हमने जनता की भावनाओं और व्यापक जनहित को समझते हुए कदम उठाया। हमारे रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या वह कम अल्कोहल वाले पेय पदार्थों पर कर घटाने के प्रस्ताव वाले वित्त विधेयक का समर्थन करेंगे, राधाकृष्णन ने कहा कि विधेयक को औपचारिक रूप से विधानसभा में पेश किए जाने से पहले उस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

भाषा सिम्मी सुरेश

सुरेश