नयी दिल्ली, 22 फरवरी (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने कहा कि ‘द केरल स्टोरी 2’ ‘दुष्प्रचार’ करने वाली फिल्म है जिसका उद्देश्य राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले ध्रुवीकरण पैदा करना है। उन्होंने सवाल किया कि क्या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय नेता ‘बीफ’ पर प्रतिबंध की मांग करने की हिम्मत करेंगे।
फिल्म के ‘प्रोमो’ में एक महिला को जबरन बीफ खिलाते हुए दिखाए जाने से विवाद खड़ा हो गया है। इस दृश्य को लेकर फिल्म को अदालत में चुनौती दी गई है।
ब्रिटास ने आरोप लगाया कि यह फिल्म, चुनाव से पहले मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने और केरल को बदनाम करने के राजनीतिक प्रयास का हिस्सा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह इस पर प्रतिबंध के पक्ष में नहीं हैं।
उन्होंने कहा, ‘यह दुष्प्रचार वाली फिल्म है। इसे थिएटर में देखने के बजाय नाली में डाल दिया जाना चाहिए।’
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यह बहुत स्पष्ट है कि भाजपा केरल को बदनाम करने, वहां पैठ बढ़ाने, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने और राज्य के बारे में गलत तस्वीर पेश करने के लिए इस तरह के दुर्भावनापूर्ण प्रचार का इस्तेमाल करना चाहती है। यह राज्य सबसे शांतिपूर्ण है और अपने सांप्रदायिक सद्भाव और सौहार्द के लिए जाना जाता है।”
फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर भी व्यापक प्रतिक्रियाएं आई हैं, जिसमें कई पोस्ट में राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव के बारे में बात की गई है। ब्रिटास ने कहा कि फिल्म के निर्माताओं को केरल के समाज की समझ नहीं है।
ब्रिटास ने केरल में भाजपा नेताओं को ‘बीफ’’ पर प्रतिबंध के बारे में बोलने की भी चुनौती दी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं चुनौती दे रहा हूं, क्या कोई भाजपा नेता केरल में बयान दे सकता है कि बीफ पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए? क्या कोई कह सकता है कि केरल में बीफ पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।’’
माकपा नेता ने कहा, ‘क्या यह सच नहीं है कि इनमें से अधिकतर भाजपा नेता बीफ खाते हैं? यह आपकी पसंद का हिस्सा है, चाहे आप बीएफ, सूअर का मांस, मटन या चिकन खाना चाहें।’
उन्होंने कहा, ‘जब केरल स्टोरी आई थी, तब भी हमने इस पर प्रतिबंध नहीं लगाया था। कोई भी फिल्म देखने नहीं गया।’
उन्होंने कहा, ‘लोगों को एहसास होने दें कि भाजपा द्वारा खेला जा रहा यह शैतानी खेल क्या है।’
माकपा नेता ने पिछली फिल्म की व्यावसायिक सफलता के दावों पर भी संदेह जताया और कहा कि संगठित समर्थन और थोक टिकट खरीद ने इसके बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन में योगदान दिया हो सकता है।
भाषा आशीष सुभाष
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