तिरुवनंतपुरम, 21 अगस्त (भाषा) केरलम के पर्यटन मंत्री पी. सी. विष्णुनाथ ने शुक्रवार को कहा कि ओणम उत्सव के दौरान ‘पुलीकली’ (बाघ नृत्य) को लेकर खड़ा हुआ विवाद दुर्भाग्यपूर्ण है।
मंत्री ने कहा कि जिस टिप्पणी के कारण यह विवाद शुरू हुआ, वह ‘बॉडी-शेमिंग’ (किसी की शारीरिक बनावट का मजाक उड़ाना) के समान है, जो सभ्य समाज में बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।
पुलीकली केरलम की एक लोक कला है, जिसमें कलाकार अपने शरीर पर बाघ जैसी पीली-काली धारियां चित्रित करते हैं। ओणम उत्सव के दौरान वे त्रिशूर की सड़कों पर पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर नृत्य करते हैं और फसल कटाई का यह पर्व मनाते हैं।
अभिनेता और लेखक वी. के. श्रीरामन ने हाल ही में पुलीकली को एक ‘ऐसी कलात्मक विकृति बताया था, जिसे देखकर जी मिचलाने लगता है।’
उन्होंने कलाकारों की शारीरिक विशेषताओं को अस्वाभाविक बताया और कहा कि कला के नाम पर उन्हें इस तरह से चित्रित करना अश्लील है।
उनकी इस टिप्पणी की व्यापक आलोचना हुई, जिसके बाद श्रीरामन ने अपने बयान पर खेद व्यक्त किया।
फेसबुक पर लिखे एक पोस्ट में मंत्री विष्णुनाथ ने कहा कि इस विवाद से पुलीकली कलाकारों को दुख पहुंचा और इससे बचा जाना चाहिए था।
विष्णुनाथ ने कहा, ‘मैंने वह टिप्पणी देखी जिसके कारण विवाद शुरू हुआ। एक सभ्य समाज में बॉडी-शेमिंग बिल्कुल उचित नहीं है। मुझे इस बात का भी दुख है कि ऐसी टिप्पणी आदरणीय श्रीरामन की ओर से आई, जिन्होंने हम सभी को चीजों को अलग-अलग नजरिए से देखना सिखाया है।’
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के शरीर या रूप-रंग के आधार पर उसका अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता और इसका विरोध किया जाना चाहिए।
भाषा सुमित अविनाश
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