Ketan Agarwal Murder Case / Image Source : FILE
पुणे : Ketan Agarwal Murder Case : पुणे के प्रसिद्ध लोहगढ़ किले पर कारोबारी विशाल अग्रवाल के बेटे केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की तफ्तीश अब इस बात पर टिक गई है कि क्या केतन खुद किसी खतरनाक जगह पर जा सकता था? 18 जून के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की बारीकी से हुई जांच और परिवार के बयानों ने इस पूरे हादसे को एक सोची-समझी साजिश में तब्दील कर दिया है।
जांच की शुरुआत में पुलिस ने जब केतन के परिजनों से बात की, तो उन्होंने बताया कि केतन स्वभाव से बेहद सतर्क था। Pune Lohagad Fort Ketan Agarwal Case वह ट्रेकिंग के दौरान भी हमेशा 10 से 20 फीट की दूरी बनाकर चलता था और जोखिम लेने से बचता था। यहाँ तक कि एक गोवा ट्रिप के दौरान उसने समुद्र में नहाने से भी साफ मना कर दिया था। ऐसे में उसका गहरी खाई के पास जाना पुलिस के मन में पहला बड़ा संदेह पैदा कर गया।
मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने 21 जून को किले के टिकट काउंटर और प्रवेश द्वार के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। 18 जून के फुटेज में करीब 33 डिग्री सेल्सियस की तेज गर्मी में एक युवक हूडी पहने और कानों में हेडफोन लगाए दिखाई दिया। पुलिस ने देखा कि जैसे ही उस युवक की नजर केतन और सिया पर पड़ी, वह अचानक रुक कर बैठ गया और उसने हाथ से कुछ संकेत किए। पु
Vishal Agarwal Son Ketan Death, पुलिस का दावा है कि इसके जवाब में सिया की तरफ से भी हल्का इशारा किया गया था। इस युवक के पहुंचने से पहले सिया बार-बार पीछे मुड़कर देख रही थी। मोबाइल नेटवर्क की समस्या के कारण जब केतन ऑनलाइन टिकट भुगतान के लिए रुका था, तब यह युवक भी बिना टिकट लिए ही ऊपर की तरफ चला गया था। हालांकि, बंदरों द्वारा कुछ कैमरों के तार तोड़ दिए जाने के कारण किले के कुछ हिस्सों की पूरी रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं हो पाई है।
पूछताछ के दौरान केतन के दो चाचा और उसकी बहन संजना से पुलिस ने करीब 8 से 9 घंटे तक सघन पूछताछ की। इस दौरान परिवार ने बताया कि 4 जून को भी केतन लोहगढ़ जाना चाहता था लेकिन परिवार ने मना कर दिया था। तब केतन ने अपनी मां को बताया था कि जाने से मना करने पर सिया बहुत रोई थी और उस पर काफी दबाव बनाया था। इसके बाद 17 जून को केतन ने मां को बताया कि 18 जून को सिया के एक दोस्त ने एक ‘सरप्राइज प्लान’ बनाया है, जिसके बाद उसे जाने की अनुमति मिली।
पुलिस जांच में सामने आए आरोपों और परिस्थितियों के अनुसार, कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने के लिए एक सोची-समझी योजना बनाई गई थी। इस योजना के तहत किले पर पहुंचने के बाद सिया को थकने का बहाना करके एक जगह बैठना था, ताकि तय साजिश को अंजाम दिया जा सके। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मौके के साक्ष्यों और संदिग्धों के बयानों का मिलान कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।