Ganga Mai ki Betiyan 25th June 2026/Image Credit: ScreenGrab / Youtube / @Zee 5
Ganga Mai ki Betiyan: ‘ZEE TV’ के सबसे पसंदीदा शो ‘गंगा माई की बेटियाँ’ के आने वाले एपिसोड में दर्शकों को भारी ड्रामा देखने मिलेगा और शायद वह मोड़ आने वाला है जिसका दर्शकों को बेसब्री से इंतज़ार था.. आख़िरकार तेज के चेहरे से मुखौटा उतारकर, कोई दुर्गावती के सामने तेज की चालों का भंडाफोड़ कर उसके असली चेहरे को सामने लाएगा।
लम्बे समय से तेज, घर में कलह के बीज बो रहा था, फिर चाहे वो दुर्गावती को स्नेहा के खिलाफ भड़काना हो या गंगा के ढाबे पर उसका अपमान करना, वह हमेशा वफादारी का मखौटा पहनकर घूमता रहा, किन्तु अब शायद उसकी चालबाज़ियों का अंत करीब है और उसका असली चेहरा सबके सामने आ सकता है।
कहानी में असली ड्रामा तो तब शुरू होता है जब स्नेहा नौकरी की तलाश में घर से बाहर निकलती है। इंदु पल-भर भी देरी किए बिना यह ख़बर, दुर्गावती तक पहुंचा देती है। ख़बर सुनते ही दुर्गावती गुस्से से तिलमिला उठती है। जब स्नेहा घर लौटती है तो आत्मनिर्भर बनाने की उसकी इस कोशिश की सराहना करने के बजाय, दुर्गावती उस पर बरस पड़ती है।
वह स्नेहा पर ठाकुर खानदान की इज्जत मिटटी में मिलाने का आरोप लगाती है और ताना कस्ते हुए कहती है कि लोग स्नेहा को जो भी मोके दे रहे हैं, वह सिर्फ इसलिए है क्योंकि अब उसके नाम के साथ ठाकुर परिवार की बहु की पहचान जुडी है। यह सुनकर स्नेहा शांत नहीं बैठती, बल्कि दुर्गावती को मुंहतोड़ जवाब देती है। वह साफ़ शब्दों में कहती है कि वह अपनी ईमानदारी और खून पसीने की कमाई से खाना चाहती है, क्योंकि दुर्गावती के पैसे कमाने का तरीका उसके सिद्धांतों के खिलाफ है।
स्नेहा दुर्गावती पर गरीबों को प्रताड़ित कर और उन्हें बेइज़्ज़त करके पैसे कमाने का सीधा इल्ज़ाम लगाती है। साथ ही वह उसे गंगा की लाचारी और लोन के मामले में हुए अपमान की भी याद दिलाती है। यह टकराव बेहद तीव्र और आक्रामक है, क्योंकि अब स्नेहा भावुक होकर मिन्नतें नहीं कर रही, बल्कि कड़वा सच बोल रही है।
दुर्गावती जैसे ही इन आरोपों को मानने से इनकार करती है, सिद्धू बीच में आकर धमाका करता है। वह बातों को घुमाने के बजाय, सीधे सच सामने रखता है। सिद्धू बताता है कि दुर्गावती और गंगा माई की दोस्ती में दरार पैदा करने की सारी हदें, तेज पहले ही पार कर चूका है, और वह खुलेआम तेज से पूछता है कि वह गंगा के ढाबे पर क्यों गया था, उसने गंगा माई से पैसे क्यों मांगे और सबसे अहम बात, उसे गंगा माई को ज़लील करने का अधिकार किसने दिया?
पहली बार, स्पॉटलाइट स्नेहा और दुर्गावती से हटकर तेज के झूठ पर आ गई है, जिसे देखकर दुर्गावती स्तब्ध रह जाती है। यह खुलासा इस शो का रुख बदल सकता है क्योंकि स्नेहा के मन में दुर्गावती के प्रति कड़वाहट बढ़ने की एक वजह ढाबे वाला अपमान था। यदि दुर्गावती को पता चल जाता है कि तेज ने अपनी मर्ज़ी से ऐसा किया और जान-बूझकर गंगा और उसकी दोस्ती में ज़हर घोला, तो शायद उसे यकीन हो जाए कि दुश्मन बाहर नहीं, बल्कि उसके अपने ही घर में बैठकर पूरी बाज़ी अपनी मर्ज़ी से घूमा रहा है।
इस नए मोड़ की सबसे अच्छी बात यह है कि सिद्धू बिना किसी पक्षपात के सिर्फ सच का साथ दे रहा है। वह निरंतर स्नेहा और दुर्गावती के बीच संतुलन बनाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन अब, शायद वह सीधे उस तीसरे शख़्स पर वार करेगा, जिसे उन दोनों की आपसी दुश्मनी से सबसे ज्यादा फायदा पहुँच रहा है। लम्बे समय से तेज, हर तरफ कलह के बीज बो रहा है जैसे:
एक तरफ, स्नेहा के खिलाफ दुर्गावती के कान भरना, तो दूसरी ओर पूर्वी की साजिशों को बढ़ावा देना। इधर गंगा के ढाबे पर मुश्किलें पैदा करना तो उधर पारिवारिक बिज़नेस में सिद्धू का पत्ता साफ़ करने की कोशिश करना.. अगर दुर्गावती ने इन सभी कड़ियों को जोड़ लिया, तो तेज का पूरा खेल हमेशा के लिए बिगड़ सकता है।
अब यह देखना बहुत की दिलचस्प होगा कि अगर दुर्गावती, सिद्धू पर यकीन करती है तो तेज का पत्ता साफ़ होना तय है और गंगा-दुर्गावती की बरसों पुरानी दोस्ती को एक नया जीवन मिल सकता है। लेकिन..
अगर वह पुख्ता सबूतों के बावजूद, तेज को बचाने का फैसला करती है तो स्नेहा का विशवास पत्थर की लकीर बन जाएगा कि दुर्गावती हमेशा सच को अनदेखा करती है।