कर्नाटक भाजपा नेता प्रवीण नेत्तारू की 2022 में हुई हत्या का प्रमुख फरार आरोपी गिरफ्तार : एनआईए

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कर्नाटक भाजपा नेता प्रवीण नेत्तारू की 2022 में हुई हत्या का प्रमुख फरार आरोपी गिरफ्तार : एनआईए

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  • Publish Date - August 6, 2026 / 01:05 PM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 01:05 PM IST

नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता प्रवीण नेत्तारू की 2022 में हुई हत्या के मामले में एक और प्रमुख फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान उमर फारूक एम. आर. के रूप में की गई है।

उन्होंने बताया कि विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान आरोपी को बुधवार को केरल के कोच्चि से पकड़ा गया।

इसके साथ ही इस मामले में अब तक 25 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

एनआईए ने एक बयान में कहा कि फरार फारूक के खिलाफ ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ और गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी था। एजेंसी ने उसकी गिरफ्तारी में कारगर सूचना देने वाले को चार लाख रुपये का इनाम देने की भी घोषणा की थी।

बयान के अनुसार, एनआईए ने हत्या की साजिश के सिलसिले में फारूक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था।

जांच में सामने आया कि वह साजिश रचने के लिए प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सुल्लिया शहर स्थित कार्यालय में हुई बैठक में अन्य आरोपियों के साथ शामिल हुआ था।

जांच एजेंसी ने कहा कि फारूक ने निशाना बनाए जाने वाले लोगों की पहचान करने और वारदात से पहले बेल्लारे गांव में टोह लेने के लिए एक सह-आरोपी को अपनी मोटरसाइकिल देने पर सहमति जताई थी।

उस पर अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर मामले के उस गवाह की हत्या का प्रयास करने का भी आरोप है जिसे सुरक्षा दी गई थी।

एनआईए ने दो अन्य फरार आरोपियों अब्दुल नासिर पी. उर्फ नासिर और नौशाद को इस साल जुलाई में गिरफ्तार किया था। आंध्र प्रदेश पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर चलाए गए समन्वित अभियान में नासिर को केरल के कोच्चि और नौशाद को तमिलनाडु के होसुर से पकड़ा गया था।

दक्षिण कन्नड़ जिले के भाजपा नेता नेत्तारू की 26 जुलाई 2022 को धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या के बाद व्यापक पैमाने पर पैदा हुए आक्रोश के बीच एनआईए ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली थी।

एनआईए की जांच में सामने आया कि यह हत्या प्रतिबंधित पीएफआई के सदस्यों द्वारा रची गई एक बड़ी आपराधिक साजिश का हिस्सा थी।

एनआईए ने कहा कि मामले में दो आरोपी अब भी फरार हैं। उनका पता लगाने, उन्हें गिरफ्तार करने और जांच को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।

भाषा सिम्मी वैभव

वैभव