चंडीगढ़, 13 जुलाई (भाषा) मारे गये मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की पत्नी परमजीत कौर खालरा ने सोमवार को अकाल तख्त से एक ‘जन आयोग’ बनाने की अपील की, जो पंजाब में 80 और 90 के दशक के दौरान कथित तौर पर फर्जी पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए एवं लापता लोगों और अज्ञात शवों की सही संख्या का पता लगा सके।
दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ के ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘जी5’ पर रिलीज होने और फिर हटाए जाने के बाद खालरा मामले पर लोगों का ध्यान फिर से गया, जिसके बाद परमजीत कौर ने ये बातें कहीं। यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता खालरा की जिंदगी पर आधारित है। पहले इस फिल्म का नाम ‘पंजाब 95’ रखा गया था।
सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था, अकाल तख्त, मंगलवार को उन सिख युवाओं की आत्मा की शांति के लिए ‘अरदास’ करेगी, जिनके मामले खालरा ने सामने लाए थे। यह धार्मिक संस्था पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग भी करेगी।
परमजीत कौर ने ‘एक्स’ पर पंजाबी में एक पोस्ट में कहा कि अकाल तख्त के जत्थेदार के बुलावे पर मंगलवार को हरिके पट्टन में पंजाब के लोगों के जुटने की तैयारियों के बीच, राज्य के लोगों, पूरे सिख समुदाय और दुनिया भर में मानवाधिकारों और न्याय में विश्वास रखने वाले लोगों को एकजुट होकर सच्चाई की खोज में अपनी आवाज उठानी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘जून 1984 में श्री दरबार साहिब (स्वर्ण मंदिर) पर सैन्य हमला, नवंबर 1984 में सिखों का नरसंहार, और उसके बाद के वर्षों में अज्ञात शवों, यातना और हजारों फर्जी पुलिस मुठभेड़ों के मामलों में आज भी जवाबदेही और न्याय की मांग की जाती है।”
अमृतसर के स्वर्ण मंदिर से खालिस्तानी चरमपंथियों को बाहर निकालने के लिए एक जून से 10 जून 1984 के बीच ‘ऑपरेशन ब्लूस्टार’ के तहत सैन्य अभियान चलाया गया था।
परमजीत कौर ने आरोप लगाया, ‘‘उस समय कांग्रेस सरकार ने यह नरसंहार किया और मानवाधिकारों का उल्लंघन किया, और बाद की सरकारें भी न्याय दिलाने में कोई भूमिका निभाने में नाकाम रहीं।”
उन्होंने पिछली शिरोमणि अकाली दल (शिअद) सरकार पर जवाबदेही तय न कर पाने और गलत कामों के आरोपी पुलिस अधिकारियों को समर्थन एवं सरकारी पद देने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि (पंजाब में) मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार भी दोषी पुलिसकर्मियों को सजा दिलाने में नाकाम रही है। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर भी विदेशी धरती पर ‘लक्षित हत्या’ के आरोप लगे हैं।
परमजीत कौर ने कहा कि पूरा सिख समुदाय अकाल तख्त की ओर इस उम्मीद से देखता है कि वह सिख गुरुओं द्वारा स्थापित सिद्धांतों के अनुसार निडर और निष्पक्ष नेतृत्व प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा, “हम जत्थेदार साहब से सम्मानपूर्वक अनुरोध करते हैं कि एक ‘जन आयोग’ बनाया जाए, जो 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में लापता हुए लोगों, अज्ञात शव और फर्जी पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए लोगों की सही संख्या का पता लगा सके।”
कौर ने यह भी कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) को पीड़ितों के परिवारों को आर्थिक सहायता देनी चाहिए।
भाषा प्रशांत सुरेश
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