भारी बारिश से जलभराव और भूस्खलन के बीच मिजोरम सरकार ने पर्यटकों से यात्रा टालने की अपील की

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भारी बारिश से जलभराव और भूस्खलन के बीच मिजोरम सरकार ने पर्यटकों से यात्रा टालने की अपील की

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  • Publish Date - July 13, 2026 / 04:13 PM IST,
    Updated On - July 13, 2026 / 04:13 PM IST

आइजोल, 13 जुलाई (भाषा) मिजोरम में लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में जलभराव और भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री लालदुहोमा के नेतृत्व वाली सरकार ने लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर पर्यटकों से फिलहाल राज्य की यात्रा स्थगित करने का आग्रह किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि बांग्लादेश सीमा से सटे दक्षिण मिजोरम के लुंगलेई जिले के त्लाबुंग कस्बे और आसपास के इलाकों में खावथलांगतुइपुई नदी के उफान पर होने के कारण अब तक कम से कम 100 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

उन्होंने कहा कि लुंगलेई जिले के बुआलते गांव में लगभग 200 यात्री फंसे हुए हैं, क्योंकि लॉन्गतलाई और सियाहा जिलों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-54 पर हुए भूस्खलन के कारण यातायात बाधित हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि मलबा हटाया जा रहा है, लेकिन लगातार बारिश के कारण बार-बार भूस्खलन हो रहा है।

पर्यटन विभाग ने परामर्श जारी कर राज्य के बाहर से आने वाले पर्यटकों से मौसम की स्थिति सामान्य होने तक मिजोरम की यात्रा से बचने की अपील की है।

विभाग ने पहले से यात्रा की योजना बना चुके लोगों से भी अपने कार्यक्रम को पुनर्निर्धारित करने का अनुरोध किया है। इसने चेतावनी दी है कि प्रतिकूल मौसम स्थिति जारी रहने पर और अधिक व्यवधान उत्पन्न हो सकता है तथा यात्रियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।

यह परामर्श राज्य के विभिन्न हिस्सों में कई दिनों से जारी बारिश के बाद जारी किया गया है। लगातार वर्षा के कारण कई स्थानों पर नदियां उफान पर हैं, भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।

दस जुलाई की रात बारिश कुछ समय के लिए थमने पर सड़कों से मलबा आंशिक रूप से हटाया गया था और वाहनों की आवाजाही बहाल की गई थी।

हालांकि, बाद में हुई ताजा बारिश के कारण सड़क फिर अवरुद्ध हो गई और यातायात बहाल करने का काम जारी है।

पुलिस ने बताया कि पिछले सप्ताह की शुरुआत में आइजोल के दक्षिणी बाहरी क्षेत्र नगाइजेल में हुए बड़े भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटना का मलबा अब तक नहीं हटाया जा सका है, जिससे आइजोल-थेनजावल-लुंगलेई राजमार्ग अब भी अवरुद्ध है।

अधिकारियों ने कहा कि मात नदी का पानी सेरछिप जिले के कई कृषि क्षेत्रों में भी फैल गया है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आइजोल केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 34 मिलीमीटर वर्षा सेरछिप में दर्ज की गई। इसके बाद खावजावल में 17.5 मिलीमीटर और सियाहा में 16.5 मिलीमीटर वर्षा हुई।

आईएमडी के अनुसार, इसी अवधि में आइजोल में 8.4 मिलीमीटर और लुंगलेई में 14 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

भाषा अमित नेत्रपाल

नेत्रपाल