भाजपा ने डीबीटी योजनाओं का इस्तेमाल वोट हासिल करने के लिए किया : अशोक गहलोत

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भाजपा ने डीबीटी योजनाओं का इस्तेमाल वोट हासिल करने के लिए किया : अशोक गहलोत

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  • Publish Date - July 13, 2026 / 04:06 PM IST,
    Updated On - July 13, 2026 / 04:06 PM IST

जयपुर, 13 जुलाई (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजनाओं का इस्तेमाल वोट हासिल करने के लिए करती है और सत्ता में आने के बाद भाजपा इन योजनाओं का लाभ बंद कर देती है।

गहलोत ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भाजपा का ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) से डायरेक्ट वोट ट्रांसफर’ का मॉडल पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। पार्टी चुनाव से पहले आर्थिक सहायता देकर मतदाताओं को लुभाती है और चुनाव जीतने के बाद इन योजनाओं को बंद कर देती है।’’

उन्होंने महाराष्ट्र का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने ‘लाडकी बहिन योजना’ के नाम पर वोट मांगे और सत्ता में आने के बाद 92 लाख महिलाओं के नाम लाभार्थियों की सूची से हटा दिए।

गहलोत ने यह भी दावा किया कि मध्यप्रदेश में ‘लाड़ली बहना’ योजना से महिलाओं को ‘नो योर कस्टमर’ (केवाईसी) औपचारिकताओं के नाम पर बाहर किया जा रहा है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि बिहार में चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे गए, लेकिन चुनाव के बाद तकनीकी त्रुटियों का हवाला देते हुए उनसे राशि वापस करने के नोटिस जारी कर दिए गए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वोट के लिए सरकारी खजाने की इस तरह खुली लूट और चुनाव के बाद जनता के साथ ऐसा विश्वासघात केवल भाजपा ही कर सकती है। लोकतंत्र के नागरिक इस छल को साफ देख रहे हैं, लेकिन निर्वाचन आयोग और उच्चतम न्यायालय इस वोट के कारोबार पर मूकदर्शक बने हुए हैं।’’

भाषा

बाकोलिया रवि कांत