अहमदाबाद, छह अप्रैल (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की “गुजरात के अशिक्षित लोग” टिप्पणी की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने व्यापक निंदा की और आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी के डीएनए में गुजरात विरोधी “जहर” बहता है और माफी की मांग की।
खरगे की टिप्पणी की निंदा करने वाले भाजपा नेताओं में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी शामिल हैं।
खरगे ने रविवार को केरल में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिये गए भाषण में गुजरात के लोगों को ‘अशिक्षित’ बताया था और कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उन्हें ‘बेवकूफ’ बना रहे हैं। खरगे ने साथ ही कहा था कि ना तो मोदी और ना ही केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन केरल की जनता को मूर्ख बना सकते हैं, क्योंकि वह ‘‘बहुत चतुर और शिक्षित’’ है।
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा था, ‘‘केरल के लोगों को गुमराह मत कीजिए। वे बहुत चतुर और शिक्षित हैं। मोदी जी, (पिनराई) विजयन, आप दोनों गुजरात या अन्य जगहों के अशिक्षित लोगों को मूर्ख बना सकते हैं, लेकिन केरल के लोगों को मूर्ख नहीं बना सकते।’’
गांधीनगर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि खरगे ने ना केवल गुजरात की जनता का अपमान किया है, बल्कि महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल की पवित्र भूमि की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है।
पटेल ने कहा, ‘‘ये टिप्पणियां बेहद आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने (खरगे ने) ना केवल 6.5 करोड़ गुजरातियों का अपमान किया है, बल्कि महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल की पवित्र भूमि की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है। इन टिप्पणियों से राज्य की जनता का अपमान हुआ है और उनकी गरिमा को भी ठेस पहुंची है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि खरगे की टिप्पणियां प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा को मिल रहे बढ़ते जनसमर्थन के कारण कांग्रेस में व्याप्त असुरक्षा की भावना को दर्शाती हैं। पटेल ने कहा, “उनका (खरगे का) शर्मनाक बयान स्पष्ट करता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की विकास नीतियों को मिल रहे व्यापक जनसमर्थन के कारण कांग्रेस असुरक्षित महसूस कर रही है।”
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर “गुजरात विरोधी” मानसिकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “यह गुजरात और गुजरातियों के प्रति कांग्रेस की पुरानी मानसिकता है; यह नई नहीं है। कांग्रेस ने सरदार साहब (वल्लभभाई पटेल) को भारत रत्न से सम्मानित नहीं करके उनकी भी उपेक्षा की।”
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के निर्माण के दौरान भी बाधाएं खड़ी की थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सरदार सरोवर बांध का काम रोकने का भी पाप किया था।
पटेल ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकारों के फैसलों ने गुजरात के किसानों और उद्योगों को नुकसान पहुंचाया है, जिनमें कपास निर्यात पर प्रतिबंध और उद्योग स्थापित करने के इच्छुक निवेशकों को कर नोटिस भेजना शामिल है।
मुख्यमंत्री ने गुजरात के विकास में तेजी लाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया, जो देश की अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता के रूप में उभरा है।
पटेल ने कहा, ‘‘आज गुजरात देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 8 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है और देश के 40 प्रतिशत कार्गो संभालता है। औद्योगिक उत्पादन, फार्मा और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में राज्य की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है।’’
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि खरगे की टिप्पणियों से 6.5 करोड़ गुजरातियों की भावनाएं आहत हुई हैं। संघवी ने कहा, ‘‘राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी राज्य के सभी नागरिकों का अपमान करना और उनकी बौद्धिक क्षमता पर सवाल उठाना ना केवल अशोभनीय है, बल्कि यह कांग्रेस की पूरी तरह से बीमार मानसिकता को भी उजागर करता है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणियां गुजरात के प्रति कांग्रेस के डीएनए में मौजूद “जहर” को दर्शाती हैं।
संघवी ने कहा, ‘‘अगर आप कांग्रेसियों द्वारा दिए गए बयानों के इतिहास पर थोड़ा ध्यान दें, तो आपको समझ आ जाएगा कि इन लोगों के डीएनए में, खासकर गुजरात और गुजरातियों के प्रति, किस तरह का जहर भरा हुआ है।’’
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस राज्य में चुनाव जीतने में असमर्थता के कारण चुनावों के दौरान बार-बार गुजरात को निशाना बनाती है। संघवी ने कहा, ‘‘जो पार्टी गुजरात में जीत नहीं सकती, वह गुजरात को कोसती रहती है। यह नेतृत्व नहीं है; यह हार से उपजी हताशा है।’’
उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या खरगे की टिप्पणी व्यक्तिगत थी या राहुल गांधी समेत अन्य कांग्रेस नेताओं से प्रभावित थी। संघवी ने सवाल किया, ‘‘क्या यह बयान पूरी तरह आपका है? या, क्या राहुल गांधी ने यह बयान आपके लिए लिखा है? या इसे गुजरात के उन कांग्रेस नेताओं ने लिखा है जो आगामी चुनाव में हार देख रहे हैं?’’
उन्होंने कांग्रेस से माफी की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘गुजरात की जनता कांग्रेस को पूरी तरह जवाबदेह ठहराएगी। मुझे उम्मीद है कि ये कांग्रेस नेता अपने कार्यालय से बाहर निकलेंगे और गुजरात की जनता से माफी मांगेंगे।’’
गुजरात भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने खरगे और कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक माफी की मांग की। उन्होंने सवाल किया, ‘‘मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस सदस्यों से पूछना चाहता हूं: गुजरात के प्रति इतना जहर क्यों फैलाया जा रहा है? गुजरातियों को बार-बार निशाना क्यों बनाया जा रहा है?”
विवादित टिप्पणी का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि लगता है खरगे ने ‘‘अपना होश खो दिया है।’’ विश्वकर्मा ने कहा, ‘‘मैं खरगे, सभी कांग्रेसियों, सोनिया गांधी और राहुल गांधी से अपील करता हूं कि वे गुजरात आएं, तब आपको पता चलेगा। इस बार, जिन लोगों को आपने अशिक्षित कहा है, वे आपको मुंहतोड़ जवाब जरूर देंगे।’’
उन्होंने कहा कि अगर खरगे और कांग्रेस माफी नहीं मांगते हैं, तो गुजरात की जनता कड़ा जवाब देगी। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को माफी मांगनी ही होगी। ना सिर्फ 6.5 करोड़ गुजरातियों से, बल्कि देश और विदेश में रहने वाले सभी गुजरातियों से।’’
भाषा अमित प्रशांत
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