Mandatory Kidney Screening: भारत में जरूरी होगी इस उम्र के लोगों के लिए किडनी की जाँच!.. संसद की एक समिति की सिफारिश, जानें क्या है दलील

संसदीय समिति ने किडनी रोग की रोकथाम के लिए 20 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की नियमित जांच और बीपीएल परिवारों को मुफ्त सुविधा देने की सिफारिश की।

Mandatory Kidney Screening: भारत में जरूरी होगी इस उम्र के लोगों के लिए किडनी की जाँच!.. संसद की एक समिति की सिफारिश, जानें क्या है दलील

Mandatory Kidney Screening in India || Image- Nephrology Associates of Northern Illinois and Indiana

Modified Date: August 12, 2026 / 09:14 am IST
Published Date: August 11, 2026 9:02 am IST
HIGHLIGHTS
  • 20 साल से ऊपर हर छह महीने किडनी जांच
  • जोखिम वाले लोगों की सालाना जांच की सिफारिश
  • बीपीएल को मुफ्त, एपीएल को सस्ती जांच

नयी दिल्ली: संसद की एक समिति ने किडनी खराब हो जाने पर इलाज के बजाय बीमारी की रोकथाम की नीति अपनाते हुए 20 साल और उससे अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए हर छह महीने में किडनी की जांच और ज्यादा जोखिम वाले सभी लोगों की सालाना जांच अनिवार्य करने की सिफारिश की है। (Mandatory Kidney Screening in India) स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने सिफारिश की है कि ‘गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम’ के तहत, गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के लोगों को साल में दो बार किडनी की जांच (केएफटी) मुफ्त में और गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) के लोगों को बहुत कम दर पर यह सुविधा उपलब्ध करायी जाए।

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उपचार से जुड़ी 66 सिफारिशें

समिति ने कहा कि अधिक जोखिम वाले लोगों की जांच में ‘एस्टिमेटेड ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन रेट’ और ‘यूरिन एल्ब्यूमिन/प्रोटीन टेस्ट’ के जरिए किडनी के कामकाज की जांच शामिल होनी चाहिए। इसके साथ ही सही ‘रेफरल’ और ‘फॉलो-अप’ भी होना चाहिए। राज्यसभा सदस्य राम गोपाल यादव की अध्यक्षता वाली समिति ने ‘‘भारत में किडनी के गंभीर रोग की व्यापकता – रोकथाम, पहचान, उपचार और प्रबंधन’’ पर अपनी 177वीं रिपोर्ट में रोग की रोकथाम, शुरुआती पहचान, उपचार से जुड़ी 66 सिफारिशें कीं।

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सालाना 3.4 करोड़ डायलिसिस सत्र की अतिरिक्त मांग

यह रिपोर्ट 7 अगस्त को राज्यसभा और लोकसभा में पेश की गई। आयोग ने कहा कि अधिक जोखिम वाले जिन समूह की समय-समय पर जांच जरूरी है, उनमें मधुमेह और उच्च रक्तचाप वाले लोग शामिल हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि हर साल किडनी की बीमारी के आखिरी चरण वाले लगभग 2.2 लाख नए मरीज जुड़ते हैं, जिससे सालाना लगभग 3.4 करोड़ डायलिसिस सत्र की अतिरिक्त मांग पैदा होती है। (Mandatory Kidney Screening in India) समिति ने जिला अस्पतालों में नेफ्रोलॉजी सेवाओं को मजबूत करने, ‘स्पेशलिस्ट रेफरल सिस्टम’ को बेहतर बनाने और बच्चों की किडनी की देखभाल के लिए एक अलग राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू करने की भी सिफारिश की।

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