कोलकाता/नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को दावा किया कि धनशोधन से जुड़े मामले में गिरफ्तार कोलकाता के व्यापारी जय कामदार पश्चिम बंगाल के पुलिस अधिकारियों के बीच “अच्छी पैठ” रखते थे, जिसका फायदा उठाकर उन्होंने जमीन संबंधी मामलों में लाभ हासिल किया।
ईडी ने रविवार को ‘सन इंटरप्राइज’ के प्रबंध निदेशक (एमडी) कामदार से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था।
जांच एजेंसी ने एक बयान में बताया कि धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई करने वाली कोलकाता के बिचार भवन स्थित एक विशेष अदालत ने कामदार को सोमवार को नौ दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया।
पश्चिम बंगाल में बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू के नेतृत्व वाले एक कथित आपराधिक गिरोह के खिलाफ धनशोधन के आरोपों की जांच के तहत ईडी ने रविवार को कामदार के अलावा कोलकाता के पुलिस उपायुक्त (विशेष शाखा) शांतनु सिन्हा बिस्वास से जुड़े परिसरों पर भी तलाशी ली थी।
ईडी ने बयान में आरोप लगाया कि कामदार के बिस्वास समेत कई पुलिस अधिकारियों के साथ “करीबी संबंध” थे। उसने दावा किया कि कामदार ने “इन अधिकारियों और उनके परिवार के सदस्यों को महंगे तोहफे और अन्य लाभ दिए।”
ईडी ने कहा, ‘‘जांच में पता चला है कि कामदार पुलिस अधिकारियों के एक वर्ग के बीच अच्छी पैठ और प्रभाव रखते थे। उन्होंने इसका दुरुपयोग जमीन से जुड़े मामलों में भोले-भाले व्यक्तियों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराने और उनसे लाभ हासिल करने के लिए किया।’’
जांच एजेंसी ने दावा किया कि कामदार कई फर्जी कंपनियों के माध्यम से “बड़े पैमाने पर” सीमा पार और घरेलू हवाला लेन-देन में शामिल था।
उसने कहा कि कामदार और पोद्दार के बीच “करीबी संपर्क” था और दोनों एक-दूसरे के साथ “बड़े पैमाने पर” वित्तीय लेन-देन करते थे।
ईडी के मुताबिक, कामदार ने पोद्दार की पत्नी को हथियार की “आपूर्ति” भी की थी।
उसने कहा, “हालांकि, पोद्दार की पत्नी ने कामदार या उनकी कंपनी से हथियारों की खरीद से संबंधित कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया है।”
ईडी ने इस मामले में एक अप्रैल को पहले दौर की तलाशी ली थी। इस दौरान जांच एजेंसी ने कुछ परिसरों से 1.47 करोड़ रुपये नकदी, 67.64 लाख रुपये मूल्य के सोने और चांदी के आभूषण, एक एसयूवी और एक बिना लाइसेंस वाली रिवॉल्वर जब्त की थी।
यह जांच कोलकाता पुलिस की ओर से पोद्दार के खिलाफ दंगे में शामिल होने, हत्या का प्रयास करने, आपराधिक साजिश रचने और शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन के आरोप में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई है।
पोद्दार कोलकाता में गोलपार्क के पास कंकुलिया रोड पर हुई हिंसा से जुड़े मामले में भी वांछित है। वह फिलहाल फरार है।
ईडी ने पोद्दार को समन जारी कर पूछताछ के लिए उसके समक्ष पेश होने का निर्देश दिया था। हालांकि, वह जांच में सहयोग करने में विफल रहा।
भाषा पारुल सुरेश
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