कोलकाता, 16 मार्च (भाषा) कोलकाता में 14 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली से पहले हुई झड़प के सिलसिले में अपने समर्थकों को गिरफ्तार किये जाने के विरूद्ध सोमवार को शहर के उत्तरी भाग में गिरीश पार्क थाने के बाहर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने प्रदर्शन किया।
आज विरोध प्रदर्शन के दौरान लगभग 300 भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ झड़प हुई और वे थाने के सामने लगाए गए तीन बैरिकेड पार कर गये।
अधिकारियों ने बताया कि मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने थाना परिसर में घुसने का प्रयास किया।
इलाके के एक भाजपा नेता ने आरोप लगाया, ‘‘गिरफ्तार किए गए सभी नौ लोग हमारी पार्टी के कार्यकर्ता हैं। हिंसा और पथराव की घटना तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों द्वारा भड़काई गई थी। ये लोग स्थानीय विधायक और मंत्री शशि पांजा के समर्थक हैं। ये हमारे लोगों को मोदी की रैली में शामिल होने से रोकना चाहते थे।’’
इससे पहले, भाजपा नेता सजल घोष ने दावा किया था कि रैली में जा रहे समर्थकों पर हमला पांजा के तृणमूल समर्थकों ने किया था।
उन्होंने आरोप लगाया, “रैली में जा रहे (भाजपा)समर्थकों पर तृणमूल समर्थकों ने बिना किसी उकसावे के हमला किया। हमारे कार्यकर्ताओं को झूठा फंसाया गया है क्योंकि वे भाजपा के सक्रिय सदस्य हैं।”
यह झड़प शनिवार को उस समय हुई जब भाजपा कार्यकर्ता ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मोदी की रैली में जा रहे थे।
भाजपा सदस्यों ने आरोप लगाया कि तृणमूल समर्थकों ने उन बसों पर हमला किया जिनसे उनके कार्यकर्ता रैली के लिए जा रहे थे।
तृणमूल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने गिरीश पार्क में पंजा के घर पर हमला किया था।
भाषा राजकुमार रंजन
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