Kolkata High Court Latest Verdict: एसपी और कलेक्टर के ट्रांसफर को हाईकोर्ट में चैलेंज.. अब कोर्ट ने खारिज की याचिका, ECI के पक्ष में सुनाया ये अहम फैसला

Kolkata High Court Latest Verdict on Bureaucrat Transfers: कलकत्ता हाई कोर्ट ने ECI के अधिकारियों के ट्रांसफर को चुनौती देने वाली PIL खारिज कर दी, अहम फैसला सुनाया।

Kolkata High Court Latest Verdict: एसपी और कलेक्टर के ट्रांसफर को हाईकोर्ट में चैलेंज.. अब कोर्ट ने खारिज की याचिका, ECI के पक्ष में सुनाया ये अहम फैसला

Kolkata High Court Latest Verdict on Bureaucrat Transfers || Image- Bar and Bench file

Modified Date: March 31, 2026 / 12:56 pm IST
Published Date: March 31, 2026 12:55 pm IST
HIGHLIGHTS
  • हाई कोर्ट ने PIL खारिज की
  • ECI के पक्ष में अहम फैसला
  • प्रशासनिक अधिकारियों के ट्रांसफर पर फैसला

कोलकता: कलकत्ता हाई कोर्ट ने मंगलवार को एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (PIL) पिटीशन खारिज कर दी। (Kolkata High Court Latest Verdict on Bureaucrat Transfers) इस याचिका में इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया (ECI) के उस ऑर्डर को चैलेंज किया गया था जिसमें पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले कई सीनियर पुलिस ऑफिसर्स और कलेक्टरों व दूसरे प्रशासनिक अफसरों के ट्रांसफर के लिए कहा गया था। चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की डिवीजन बेंच ने कहा कि ECI द्वारा ट्रांसफर किए गए ऑफिसर्स की जगह दूसरे ऑफिसर्स पहले ही आ चुके हैं।

चुनाव आयोग के वकील की दलील

इस याचिका पर बेंच ने फैसला सुनाया कि, “इस तरह, सिस्टम या एडमिनिस्ट्रेटिव एरिया में कोई वैक्यूम नहीं बना है। मुख्य चुनाव आयोग के सीनियर वकील नायडू की इस बात पर कि चीफ सेक्रेटरी और होम सेक्रेटरी की जगह, उनसे 1 और 7 साल सीनियर ऑफिसर्स को पोस्ट किया गया था, पिटीशनर और राज्य ने कोई विवाद नहीं किया। (Kolkata High Court Latest Verdict on Bureaucrat Transfers) इसलिए, यह नहीं कहा जा सकता कि एडमिनिस्ट्रेटिव ‘सुन्न’ हो गया है और अगर चुनाव तक, फ्री और फेयर चुनाव पक्का करने के लिए यह अरेंजमेंट किया गया है, तो सरकार पैरालाइज हो जाएगी,”

इसने चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुरू की गई इंपीचमेंट प्रोसीडिंग्स के पहलू पर भी गौर करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, “और भी ज़्यादा, जब तबादलों और उस प्रस्ताव के बीच कोई संबंध सटीकता और सटीकता के साथ स्थापित नहीं किया जा सका।”

किसने दायर की थी याचिका?

दरअसल अधिवक्ता अर्का कुमार नाग द्वारा दायर जनहित याचिका में यह चिंता तय की गई थी कि चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में लगभग पूरे वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस नौकरशाही के बड़े पैमाने पर तबादलों और अधिकारियों का आदेश दिया था। (Kolkata High Court Latest Verdict on Bureaucrat Transfers) हाल ही में चुनाव आयोग ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के मुख्य सचिव, पुलिस कांस्टेबल, गृह सचिव, विभिन्न जिला मजिस्ट्रेटों, पुलिस अधीक्षकों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के तबादलों का आदेश दिया था। इसके बाद और भी अधिकारियों का तबादला किया गया।

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