कोटद्वार दुकान विवाद: मोहम्मद दीपक की हत्या पर दो लाख रुपये की पेशकश करने वाला युवक पहचाना गया

कोटद्वार दुकान विवाद: मोहम्मद दीपक की हत्या पर दो लाख रुपये की पेशकश करने वाला युवक पहचाना गया

कोटद्वार दुकान विवाद: मोहम्मद दीपक की हत्या पर दो लाख रुपये की पेशकश करने वाला युवक पहचाना गया
Modified Date: February 9, 2026 / 10:15 pm IST
Published Date: February 9, 2026 10:15 pm IST

कोटद्वार, नौ फरवरी (भाषा) उत्तराखंड में पौड़ी जिले के कोटद्वार में दुकान नाम विवाद में ‘मोहम्मद दीपक’ के नाम से चर्चित जिम संचालक दीपक कुमार को जान से मारने के एवज में दो लाख रुपये का इनाम देने की पेशकश करने वाले युवक की पहचान कर ली गयी है और वह बिहार का रहने वाला है । पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने यहां बताया कि दीपक कुमार ने रविवार को कोटद्वार थाने में एक शिकायत देकर बताया था कि कोई अज्ञात व्यक्ति सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें जान से मारने के एवज में दो लाख रुपये का इनाम देने की पेशकश कर रहा है।

पुलिस के अनुसार, प्रकरण की गंभीरता के मद्देनजर पुलिस ने तत्काल अज्ञात आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 351 (3) के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।

उसने बताया कि तकनीकी एवं अन्य माध्यमों से की गई जांच में सोशल मीडिया पर ऐसा पोस्ट प्रसारित करने वाले युवक की पहचान बिहार के मोतीहारी के रहने वाले उत्कर्ष कुमार सिंह के रूप में हुई जिसके बाद बिहार पुलिस के समन्वय से युवक को उसके घर के नजदीकी थाने लाकर पूछताछ की गई।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ में सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर उसके ‘फॉलोअर’ नहीं बढ़ रहे थे जबकि दीपक लगातार ‘ट्रेंडिंग’ में चल रहा था ।

पुलिस के अनुसार सिंह ने कहा कि दीपक को जान से मारने के एवज में दो लाख रुपये का इनाम देने वाला पोस्ट उसने केवल अपने सोशल मीडिया चैनल के ‘व्यूज एवं रीच बढ़ाने’ के उद्देश्य से किया था और उसका मकसद आपराधिक नहीं था ।

पुलिस ने बताया कि सिंह के विरूद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है ।

इस बीच, पिछले माह के आखिर में समुदाय विशेष की एक दुकान के नाम ‘बाबा’ के विरोध में प्रदर्शन कर बवाल मचाने वाले 14-15 लोगों की पहचान पुलिस ने कर ली है।

पुलिस ने बताया कि प्रकरण में गठित विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) द्वारा विभिन्न स्रोतों से प्राप्त वीडियो और तस्वीरों के माध्यम से उन लोगों की पहचान की जा रही है जो कथित तौर पर उत्पात मचा रहे थे।

उसने बताया कि 40 प्रदर्शनकारियों में से 14-15 की पहचान कर ली गयी है और उन्हें नोटिस भेजे जा रहे हैं । पुलिस ने कहा कि जैसे-जैसे लोगों की पहचान होती जाएगी, उन्हें नोटिस भेजे जाएंगे और साथ ही उचित कार्रवाई भी की जाएगी ।

पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर बजरंग दल के एक कार्यकर्ता ने हाल में हिंदू-मुस्लिम को लेकर अपशब्द कहे थे जिसे तुरंत गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, बाद में उसको जमानत मिल गई थी ।

पुलिस का कहना है कि मोहम्मद दीपक कुमार के घर और जिम के बाहर सड़क पर घटना के बाद दो-तीन दिन तक पुलिस की तैनाती एहतियातन की गयी थी ।

कोटद्वार के अपर पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन सिंह ने बताया कि शहर में सब जगह शांति है और केवल सोशल मीडिया पर अनर्गल बयानबाजी चल रही है ।

उन्होंने कहा कि पुलिस सोशल मीडिया पर पूरी नजर बनाए हुए है ।

उधर, बजरंग दल के विरोध में आने के बाद से दीपक के जिम में कसरत के लिए आने वाले लोगों की संख्या कम होने की खबरें हैं।

इस बारे में दीपक के करीबी दोस्त और कांग्रेस नेता विजय रावत ने कहा कि वैसे सर्दियों में जिम में कसरत करने वालों की संख्या कम ही हो जाती है तथा पुलिस और मीडिया वालों की आवाजाही बढ़ने के कारण फिलहाल उसके जिम में कम लोग ही आ रहे हैं ।

रावत ने कहा, ‘‘गर्मियों में दीपक के जिम में 100 से भी ज्यादा लोग कसरत के लिए आते हैं लेकिन सर्दियों में यह संख्या 70 के आसपास थी। घटना के बाद दीपक को समर्थन देने के लिए लोग आ रहे हैं, इसके अलावा मीडिया तथा पुलिस की आवाजाही भी बढ गयी है जिस कारण अभी कम लोग ही उसके जिम में आ रहे हैं।’’

कोटद्वार में पटेल मार्ग स्थित कपड़ों की दुकान ‘बाबा’ के नाम को बदलने का दवाब बनाने के लिए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने 26 जनवरी को दुकान के बाहर प्रदर्शन किया था । इस दौरान उनका दुकान मालिक वकील अहमद और उनके बेटे के दोस्त दीपक कुमार से झड़प और मारपीट भी हुई जिसके बाद कुमार ने अपना नाम ‘मोहम्मद दीपक’ बताते हुए दल के कार्यकर्ताओं को वहां से जाने को मजबूर कर दिया ।

इसके बाद एक बार फिर 31 जनवरी को बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता ‘बाबा’ दुकान तथा दीपक के जिम पर प्रदर्शन करने पहुंचे और उन्होंने नारेबाजी करते हुए सड़क जाम का दी।

हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी से संघर्ष टल गया था । मामले में पुलिस ने तीन अलग—अलग प्राथमिकी भी दर्ज की थीं ।

भाषा सं दीप्ति राजकुमार

राजकुमार


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