मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर जाति का मुद्दा उठाने संबंधी आरोप पूरी गंभीरता के साथ लगाया था: कुमारस्वामी

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मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर जाति का मुद्दा उठाने संबंधी आरोप पूरी गंभीरता के साथ लगाया था: कुमारस्वामी

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  • Publish Date - February 22, 2026 / 08:39 PM IST,
    Updated On - February 22, 2026 / 08:39 PM IST

बेंगलुरु, 22 फरवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने रविवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा ‘‘कुर्सी के लिए जाति का मुद्दा उठाए जाने’’ संबंधी आरोप उन्होंने पूरी गंभीरता से लगाया था, मजाक में नहीं।

जद (एस) नेतृत्व को निशाना बनाने संबंधी सिद्धरमैया के मीडिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, कुमारस्वामी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जब मैंने कहा कि सिद्धरमैया ने एक कुर्सी (सत्ता) के लिए जाति को घसीटा है, तो मैंने यह मजाक में नहीं कहा था; मैंने ऐसा पूरी गंभीरता से कहा था।’’

सिद्धरमैया ने आरोप लगाया था कि कुमारस्वामी और उनके पिता एवं पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा, ‘‘परिवारवादी’’ हैं तथा ‘‘अतीत, वर्तमान एवं भविष्य में, जनता दल (सेक्युलर) के शीर्ष नेता गौड़ा परिवार के सदस्य ही होंगे’’।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने लिखा, ‘‘सिद्धरमैया, मैं घुमा-फिराकर बात नहीं करता। मैं सीधे मुद्दे पर आता हूं।’’

सिद्धरमैया द्वारा उनके पिता के विरुद्ध की गई टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कुमारस्वामी ने कहा, “आप सामाजिक न्याय के समर्थक नहीं बल्कि उसके विनाशक हैं। यह चौंकाने वाली बात है कि आप देवेगौड़ा पर उंगली उठा रहे हैं, जिन्होंने आपको राजनीतिक ताकत प्रदान की।”

उन्होंने कहा कि यदि देवेगौड़ा केवल जाति या पारिवारिक विचारों से प्रेरित होते, तो सिद्धरमैया राजनीति में इतना आगे नहीं बढ़ पाते।

कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘यदि उन्होंने उस समय केवल अपनी जाति और परिवार के बारे में सोचा होता, तो आप न तो वित्त मंत्री बनते और न ही किसी निगम के अध्यक्ष का पद हासिल कर पाते।’’

जद (एस) छोड़कर गए कई वोक्कालिगा नेताओं की सूची का मुख्यमंत्री द्वारा जिक्र किए जाने पर कुमारस्वामी ने कहा, “आपकी ही तरह, उन्होंने भी देवेगौड़ा की मेहनत और बलिदान के कारण सत्ता का आनंद लिया और रुतबा हासिल किया, और बाद में पाला बदल लिया। जैसा कि आप कहते हैं, यदि देवेगौड़ा का मानना ​​होता कि सिर्फ परिवार ही मायने रखता है, तो सूची में शामिल कोई भी व्यक्ति विधायक, मंत्री या सांसद नहीं बनता-आप भी नहीं! आपका क्या कहना है?”

उन्होंने सिद्धरमैया द्वारा अपने बचाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का हवाला दिए जाने पर भी आपत्ति जताई।

कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री के इस दावे को खारिज किया कि वोक्कालिगा नेताओं का ध्यान केवल कांग्रेस ने ही रखा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में सिद्धरमैया के दूसरे कार्यकाल और उनके तथा उनके उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच कथित सत्ता संघर्ष पर भी सवाल उठाए।

कुमारस्वामी ने कहा कि सिद्धरमैया के दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने से पहले उनके और शिवकुमार के बीच एक समझौता हुआ था तथा अब उन्हें उदारता दिखाते हुए इसे सार्वजनिक रूप से प्रकट करना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘आपके सामाजिक न्याय में कोई नैतिक आधार नहीं है। अगर होता तो मल्लिकार्जुन खरगे आपसे पहले मुख्यमंत्री बन चुके होते।’’

भाषा

देवेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल