‘लाल डोरा’ की संपत्तियों का बन रहा डिजिटल रिकॉर्ड, मालिकों को जल्द मिलेंगे क्यूआर कोड वाले कार्ड

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‘लाल डोरा’ की संपत्तियों का बन रहा डिजिटल रिकॉर्ड, मालिकों को जल्द मिलेंगे क्यूआर कोड वाले कार्ड

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  • Publish Date - July 21, 2026 / 05:52 PM IST,
    Updated On - July 21, 2026 / 05:52 PM IST

नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) दिल्ली सरकार ‘लाल डोरा’ क्षेत्र की जमीनों के मालिकों को उनकी संपत्तियों के विवरण वाला डिजिटल कार्ड उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

सीएमओ ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में ‘स्वामित्व’ (सर्वे ऑफ विलेज एंड मैपिंग विद इंप्रोवाइज्ड टेक्नोलॉजी इन विलेज एरिया) योजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस योजना के तहत व्यापक सर्वेक्षण, डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और ‘स्मार्ट प्रॉपर्टी’ कार्ड जारी करने का कार्य किया जाएगा।

किसी गांव की आबादी क्षेत्र के भीतर स्थित संपत्ति को लाल डोरा कहा जाता है। ‘लाल डोरा’ नाम इसलिए पड़ा, क्योंकि ब्रिटिश शासन के समय गांव की आबादी की सीमा को राजस्व नक्शों में लाल रेखा से चिह्नित किया जाता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से लाल डोरा क्षेत्रों में संपत्तियों का व्यवस्थित और प्रामाणिक रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण लोगों को अनेक प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था और अब दिल्ली सरकार आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रत्येक संपत्ति की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित कर रही है, जिससे भविष्य में रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित होगा।

गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार नागरिकों को आधुनिक और सुरक्षित डिजिटल दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए स्मार्ट प्लास्टिक ‘स्वामित्व प्रॉपर्टी’ कार्ड जारी करेगी, जो यूआईडीएआई मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले पीवीसी कार्ड होंगे।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक कार्ड पर संपत्ति पहचान संख्या (पीआईडी), जारी करने की तिथि, गांव, उप-मंडल, जिला, कब्जाधारी का नाम, पिता या पति का नाम, हिस्सेदारी, कुल क्षेत्रफल, निर्मित एवं खुला क्षेत्र, भू-आधार नंबर, सह-कब्जाधारियों का विवरण और संपर्क नंबर अंकित होगा।

गुप्ता ने कहा कि प्रत्येक कार्ड पर क्यूआर कोड भी होगा और इस क्यूआर कोड को स्कैन करते ही संबंधित संपत्ति का पूरा डिजिटल फॉर्म-13 उपलब्ध होगा, जिसमें संपत्ति का विस्तृत नक्शा, चौहद्दी की सीमाएं, पड़ोसी संपत्तियों की पीआईडी, खसरा नंबर, सह-कब्जाधारियों एवं परिवार का विवरण, तहसीलदार के डिजिटल हस्ताक्षर, आधिकारिक मुहर और दिल्ली आबादी देह सर्वेक्षण एवं रिकॉर्ड प्रबंधन नियम, 2025 की धारा 36 के अंतर्गत वैध कब्जा प्रमाणपत्र उपलब्ध रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “वर्तमान में 48 गांवों को भारतीय सर्वेक्षण विभाग के साथ हुए समझौते के तहत योजना में शामिल किया गया है। इनमें से 30 गांवों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और उनके अंतिम प्रॉपर्टी कार्ड तैयार किए जा चुके हैं। अब इन कार्डों में डिजिटल हस्ताक्षर जोड़ने और स्मार्ट कार्ड जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।’’

उन्होंने बताया कि अब तक 12,232 संपत्तियों का सर्वेक्षण किया जा चुका है और इनमें से 8,423 संपत्तियां विवाद-मुक्त हैं और इनके ‘स्मार्ट प्रॉपर्टी’ कार्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

भाषा नोमान नोमान सुरेश

सुरेश