अमेरिका से चिकित्सा एवं राहत सामग्री की बड़ी खेप भारत पहुंची

अमेरिका से चिकित्सा एवं राहत सामग्री की बड़ी खेप भारत पहुंची

अमेरिका से चिकित्सा एवं राहत सामग्री की बड़ी खेप भारत पहुंची
Modified Date: November 29, 2022 / 08:01 pm IST
Published Date: April 30, 2021 7:22 pm IST

नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (भाषा) कोविड-19 महामारी से जंग में मदद के लिए अमेरिका से भेजी गए बहुप्रतीक्षित सैकड़ों ऑक्सीजन सिलेंडर और रेगुलेटर समेत आपात चिकित्सा एवं राहत सामग्री की खेप लेकर दो विमान शुक्रवार को भारत पहुंचे।

अमेरिकी वायुसेना के सबसे बड़े सामरिक विमानों में से एक सी-5एम सुपर गैलेक्सी चिकित्सकीय उपकरण एवं अन्य राहत सामग्री लेकर दिल्ली पहुंचा।

अमेरिकी दूतावास ने ट्वीट किया, ‘‘अमेरिका से आपात कोविड-19 राहत सामग्री की पहली खेप भारत पहुंच गयी है। 70 साल से अधिक के सहयोग को मजबूती मिली। अमेरिका भारत के साथ खड़ा है। हमलोग मिलकर कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे।’’

अमेरिका से बड़ी संख्या में चिकित्सा उपकरणों और अन्य सामग्री को लेकर आ रहा एक अन्य विमान सी-17 ग्लोबमास्टर भी शुक्रवार रात भारत पहुंच गया।

अधिकारियों ने बताया कि चिकित्सा आपूर्ति में रेगुलेटर समेत 423 ऑक्सीजन सिलेंडर, 210 पल्स ऑक्सीमीटर, 17 बड़े ऑक्सीजन सिलेंडर, 8,84,000 रेपिड जांच किट और 84,000 एन-95 मास्क शामिल हैं।

चिकित्सा आपूर्ति की खेप पहुंचने के कुछ ही घंटे बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को अपने अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन से फोन पर बात की जो कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से प्रभावी तौर पर निपटने के लिये भारत के लिये जरूरी चिकित्सा आपूर्तियों पर केंद्रित थी।

जयशंकर ने ट्वीट कर कहा कि ब्लिंकन के साथ उनकी बातचीत मुख्य रूप से कोविड-19 चुनौती से “ज्यादा प्रभावी” तौर पर निपटने के लिये भारत की जरूरतों को पूरा करने पर केंद्रित थी।

उन्होंने एक ट्वीट में कहा, “अमेरिका से उपकरणों और सामग्री की आपूर्ति की समीक्षा की। ऑक्सीजन आपूर्ति को मजबूत करने, टीका उत्पादन को विस्तार देने और रेमडेसिवीर की आपूर्ति को बढ़ाने के महत्व को रेखांकित किया ।

उधर, ब्लिंकन ने भी ट्वीट कर कहा कि उन्होंने जयशंकर के साथ वार्ता के दौरान भारत में कोविड-19 राहत प्रयासों के दौरान अमेरिकी सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

इस बीच, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर बताया कि भारत और अमेरिका के बीच स्वास्थ्य सहयोग से वैश्विक महामारी से प्रभावी तरीके से निपटने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक महत्व की रणनीतिक साझेदारी। हमारे स्वास्थ्य सहयोग से वैश्विक महामारी से प्रभावी तरीके से निपटने में मदद मिल सकती है। अमेरिका से रेगुलेटर के साथ 423 ऑक्सीजन सिलेंडर और अन्य चिकित्सा उपकरणों के उपहार की बहुत सराहना करता हूं।’’

भारत कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से जंग लड़ रहा है ऐसे में दुनिया के कई देशों ने स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा एवं राहत सामग्री भेजने की घोषणा की है।

अधिकारियों ने बताया कि कई अन्य देशों ने भी भारत को चिकित्सा आपूर्ति भेजी हैं। ब्रिटेन ने 280 ऑक्सीजन सांद्रक और 40 वेंटिलेटर भेजे हैं जबकि आयरलैंड की तरफ से 700 ऑक्सीजन सांद्रक और 365 वेंटिलेटर प्राप्त हुए हैं। इसी तरह रोमानिया ने भी 80 ऑक्सीजन सांद्रक, 75 ऑक्सीजन सिलेंडर समेत अन्य उपकरण भेजे हैं।

भारत को मदद भेजने वाले अग्रणी देशों में रूस, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, बेल्जियम, रोमानिया, लक्जमबर्ग, सिंगापुर, पुर्तगाल, स्वीडन, न्यूजीलैंड, कुवैत और मॉरिशस शामिल हैं।

रूस ने बृहस्पतिवार को मुख्य रूप से ऑक्सीजन सांद्रक वाले 20 टन चिकित्सकीय ऑक्सीजन, वेंटीलेटर और चिकित्सकीय सामग्री की भारत को आपूर्ति की।

बागची ने ट्वीट किया, ‘‘हमारे गर्मजोशी भरे एवं मित्रवत संबंध को एक बार फिर आगे बढ़ाते हुए यूरोपीय संघ के सहयोगी रोमानिया का 80 ऑक्सीजन सांद्रक एवं 75 ऑक्सीजन सिलेंडर की खेप भेजकर हमारी मदद करने के लिए शुक्रिया।’’

वहीं, यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने कहा है कि इटली, फ्रांस और ऑस्ट्रिया की तरफ से भी भारत को चिकित्सा सामग्री एवं उपकरण भेजे जा रहे हैं।

भाषा शफीक रंजन

रंजन


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