शिमला, 21 जुलाई (भाषा) हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मंगलवार को कहा कि युवाओं की आवाज को दबाया जा रहा है और दिल्ली में सोमवार को युवाओं पर हुआ लाठीचार्ज मोदी सरकार के अंत की शुरुआत है।
कांग्रेस नेता ने यहां ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में कहा, “समाज का हर वर्ग केंद्र सरकार से निराश है। आने वाले समय में यही असंतोष एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेगा और यह बात अब साफ दिखाई दे रही है।”
विक्रमादित्य ने कहा, “युवाओं की आवाज दबाई जा रही है। दिल्ली में सोमवार को युवाओं पर किया गया लाठीचार्ज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत सरकार के पतन की शुरुआत है।”
छह बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिवंगत वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि छात्र अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। वे निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार ने संवाद का रास्ता अपनाने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग किया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में पेपर लीक की घटना केवल एक पहलू है, जबकि पूरी शिक्षा व्यवस्था भ्रष्टाचार की चपेट में आ चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे युवाओं की आवाज सुनना सरकार ने बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि कोलकाता से लेकर मुंबई, बेंगलुरु और शिमला तक हर जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि छात्र उन परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग भी कर रहे हैं, जिनके बच्चों ने नीट पेपर लीक के बाद कथित रूप से आत्महत्या कर ली। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है।
मंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री कहते हैं कि युवा देश का भविष्य हैं, लेकिन उसी युवा पर लाठीचार्ज किया जा रहा है। केंद्र सरकार को इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार संवाद में विश्वास नहीं रखती। उन्होंने कहा कि सरकार केवल “साम, दाम, दंड, भेद” के माध्यम से सत्ता चलाने में विश्वास करती है और विपक्षी दलों के सांसदों को भाजपा में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कोई वर्ग सरकार से सवाल पूछता है, तो उसे राष्ट्रविरोधी करार दिया जाता है।
भाषा रंजन रंजन दिलीप
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