कलकत्ता उच्च न्यायालय में वकीलों का प्रदर्शन: धनखड़ ने मुख्यमंत्री से मुलाकात का आग्रह किया

कलकत्ता उच्च न्यायालय में वकीलों का प्रदर्शन: धनखड़ ने मुख्यमंत्री से मुलाकात का आग्रह किया

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  • Publish Date - April 13, 2022 / 06:37 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:33 PM IST

कोलकाता, 13 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में ‘अप्रिय दृश्यों’ के मद्देनजर बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात का आग्रह किया। उधर मुख्य न्यायाधीश ने हालात को शांत करने के लिए उच्च न्यायालय के तीन बारों के प्रतिनिधियों से अत्यावश्यक वार्ता की।

बुधवार सुबह न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय की अदालत के सामने कुछ वकीलों को प्रदर्शन करते हुए देखा गया। जबकि अन्य वकील उनकी अदालत में मामलों में अपना पक्ष रखने चले गये।

कलकत्ता उच्च न्यायालय बार संघ की आमसभा की बैठक मंगलवार को अव्यवस्था की वजह से भंग कर दी गयी।

बैठक में न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय की अदालत के संबंध में एक सदस्य द्वारा उठाये गये मुद्दों पर चर्चा होनी थी। न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने कुछ दिन पहले राज्य सरकार के सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मियों की नियुक्ति में कथित अनियमितताओं को लेकर कम से कम चार मामलों में सीबीआई जांच का आदेश दिया था।

धनखड़ ने ट्वीट किया, ‘‘पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के परिसर में अभूतपूर्व चिंताजनक दृश्य के मद्देनजर और राज्य में महिलाओं के खिलाफ हाल में घटे जघन्य अपराधों तथा राज्य में कानून व्यवस्था की लगातार बिगड़ती स्थिति पर आज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात का अनुरोध किया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आप इस बात से सहमत होंगी कि संविधान और कानून संचालित व्यवस्था में न्याय नहीं होने देना और अदालतों के कामकाज में बाधा उत्पन्न करना लोकतंत्र की समाप्ति का सूचक लगता है।’’

मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव मामलों की सुनवाई के बीच अपनी अदालत से आए और उन्होंने वरिष्ठ वकीलों, बैरिस्टरों, उच्च न्यायालय के तीनों बारों के प्रतिनिधियों, महाधिवक्ता और दो सहायक सॉलिसीटर जनरलों से बुधवार को प्रदर्शन के विषय पर बातचीत की।

बैठक में भाग लेने वाले बार संघ के अध्यक्ष अरुणाभ घोष ने कहा, ‘‘हमने मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया कि मौजूदा हालात के संबंध में कदम उठाये जाएं जिससे उच्च न्यायालय की प्रतिष्ठा कम हुई है।’’

घोष ने मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर उन्हें सूचित किया था कि बार संघ की बैठक में कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ।

भाषा वैभव माधव

माधव