वकीलों को सार्वजनिक मंच पर अपने मामलों पर चर्चा नहीं करनी चाहिए : सॉलिसिटर जनरल मेहता

वकीलों को सार्वजनिक मंच पर अपने मामलों पर चर्चा नहीं करनी चाहिए : सॉलिसिटर जनरल मेहता

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  • Publish Date - January 15, 2026 / 08:03 PM IST,
    Updated On - January 15, 2026 / 08:03 PM IST

नयी दिल्ली, 15 जनवरी (भाषा) सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बृहस्पतिवार को कहा कि वकीलों को सार्वजनिक मंच पर उन मामलों पर चर्चा नहीं करनी चाहिए जिनमें वे पेश हो रहे हैं, और आगाह किया कि इससे उनके बारे में तरह-तरह के विमर्श गढ़े जा सकते हैं।

उनकी यह टिप्पणी वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल को लक्षित थी, जो एक यूट्यूब चैनल चलाते हैं और अक्सर उच्चतम न्यायालय के फैसलों और अन्य कानूनी मुद्दों पर चर्चा और पॉडकास्ट करते हैं।

न्यायालय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में आई-पैक के कार्यालय पर छापेमारी के दौरान हस्तक्षेप किया और बाधा डाली थी।

आई-पैक कार्यालय पर छापेमारी के संबंध में ईडी की याचिका पर सुनवाई के दौरान जब वकील अपनी दलीलें पेश कर रहे थे, तब न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने उन्हें शीर्ष अदालत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा जारी एक परिपत्र की याद दिलाई, जिसमें नियमों के पालन का निर्देश दिया गया है।

इस मौके पर मेहता ने कहा, ‘‘मुख्य न्यायाधीश को भी एक सर्कुलर जारी करना चाहिए। मुकदमों में पेश होने वाले वकीलों को प्रेस वार्ता जैसे सार्वजनिक मंच पर उन पर चर्चा नहीं करनी चाहिए।’’

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सिब्बल ने कहा कि ईडी अधिकारियों के लिए भी एक परिपत्र जारी किया जाना चाहिए ताकि वे अपनी पसंद के पत्रकारों को जानकारी लीक न करें।

उन्होंने कहा कि सॉलिसिटर जनरल मेरे कार्यक्रम से ‘‘बहुत नाराज़’’ प्रतीत होते हैं, क्योंकि वह हर सुनवाई में इसका ज़िक्र करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे मामलों पर चर्चा करने का अधिकार है।’’

पीठ ने कहा, ‘‘यह इस चर्चा के लिए स्थान नहीं है।’’

सिब्बल ‘‘दिल से विद कपिल सिब्बल’’ नाम से एक यूट्यूब चैनल चलाते हैं, जिसपर वह महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करते हैं।

भाषा

सुभाष पवनेश

पवनेश