कैंसर सम्मेलन में प्रमुख कैंसर विशेषज्ञों ने बीमारी के इलाज में नयी प्रगति पर चर्चा की

कैंसर सम्मेलन में प्रमुख कैंसर विशेषज्ञों ने बीमारी के इलाज में नयी प्रगति पर चर्चा की

कैंसर सम्मेलन में प्रमुख कैंसर विशेषज्ञों ने बीमारी के इलाज में नयी प्रगति पर चर्चा की
Modified Date: September 18, 2026 / 09:26 pm IST
Published Date: September 18, 2026 9:26 pm IST

नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को आयोजित कैंसर सम्मेलन में इस बीमारी की जल्दी पहचान, इलाज के बदलते तरीके और भविष्य में कैंसर के इलाज को बेहतर बनाने वाली नयी तकनीकों पर ध्यान केंद्रित किया गया।

पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज में स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आयोजित ‘मैक्स ऑनको अपडेट्स 2026’ में सिर और गर्दन के कैंसर, स्तन और महिलाओं से जुड़े कैंसर, गैस्ट्रोइंटेस्टिनल और जेनिटोरिनरी कैंसर, फेफड़ों के कैंसर, रक्त कैंसर, मरीज की जरूरत के अनुसार इलाज, जीन आधारित कैंसर उपचार, इम्यूनोथेरेपी के दुष्प्रभाव, कैंसर के बाद जीवन, सहायक देखभाल और कैंसर के इलाज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

अस्पताल ने एक बयान में कहा कि इस सम्मेलन में देशभर से 800 से अधिक कैंसर रोग विशेषज्ञ, डॉक्टर, शोधकर्ता और स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हुए तथा कैंसर की जांच, इलाज और अलग-अलग विशेषज्ञों की मदद से मरीजों की देखभाल में हो रही नई प्रगति पर चर्चा की गई।

इसमें कहा गया कि कैंसर की जल्दी पहचान, मरीज के अनुसार इलाज और बेहतर विशेषज्ञ सेवाओं तक पहुंच को बढ़ाने को अहम बताया गया।

बयान के मुताबिक, सरकार के गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपी-एनसीडी) के तहत फरवरी 2026 तक 34.71 करोड़ से अधिक लोगों की मुंह के कैंसर, 16.24 करोड़ लोगों की स्तन कैंसर और 8.73 करोड़ महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर की जांच की जा चुकी है।

अस्पातल में मेडिकल ऑन्कोलॉजी की प्रमुख डॉ. मीनू वालिया ने कहा, “कैंसर के इलाज में आज सटीक उपचार, जीन और मॉलिक्यूलर जांच, इम्यूनोथेरेपी और ‘टार्गेटेड थेरेपी’ जैसी तकनीकों के कारण तेजी से बदलाव हो रहे हैं। इससे मरीज की जरूरत के अनुसार इलाज के नए विकल्प उपलब्ध हुए हैं, लेकिन इन प्रगतियों के साथ कैंसर की जल्दी पहचान, बचाव, सहायक देखभाल और इलाज के बाद मरीज की देखभाल पर भी बराबर ध्यान देना जरूरी है।”

बयान में कहा गया कि कैंसर के बाद जीवन की थीम के तहत सम्मेलन में कैंसर से ठीक हो चुके मरीज भी शामिल हुए।

भाषा नोमान नोमान नेत्रपाल

नेत्रपाल


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