एलआईसी कर्मी ने चुनाव कार्य के दौरान सेवा शर्तों की रक्षा के लिए किया अदालत का रुख

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एलआईसी कर्मी ने चुनाव कार्य के दौरान सेवा शर्तों की रक्षा के लिए किया अदालत का रुख

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  • Publish Date - January 30, 2026 / 07:24 PM IST,
    Updated On - January 30, 2026 / 07:24 PM IST

कोलकाता, 30 जनवरी (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को निर्वाचन आयोग और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को उसके फील्ड वर्कर की उस याचिका पर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया, जिसमें अनुरोध किया गया है कि आयोग के लिए चुनाव संबंधी कार्य करते समय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उनकी सेवा शर्तें प्रभावित ना हों।

याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि वे एलआईसी के कर्मचारी हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, उन्हें समय-समय पर चुनाव संबंधी कार्यों में तैनात किया जाता रहा है।

याचिकाकर्ता नेशनल फेडरेशन ऑफ इंश्योरेंस फील्ड वर्कर्स ऑफ इंडिया ने अपने वकील के माध्यम से न्यायमूर्ति कृष्णा राव की अदालत में कहा कि उन्हें आशंका है कि यदि उन्हें चुनाव संबंधी कार्यों में लगाया गया, तो कंपनी में उनकी सेवा प्रभावित होगी।

अदालत ने कहा कि इस मामले के निपटारे के लिए एलआईसी और निर्वाचन आयोग, दोनों को अपने-अपने हलफनामे दाखिल करने होंगे।

न्यायमूर्ति राव ने सवाल किया कि जब कर्मचारियों को निर्वाचन आयोग के चुनाव संबंधी कार्यों के लिए भेजा जा रहा है, तो फिर उनकी सेवा क्यों प्रभावित होगी।

अदालत ने एलआईसी और निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि वे दो सप्ताह के भीतर हलफनामे के रूप में अपनी रिपोर्ट दाखिल करें। इसके बाद याचिकाकर्ता को उन रिपोर्ट पर एक सप्ताह के भीतर अपनी आपत्ति दर्ज कराने की स्वतंत्रता दी गई।

अदालत ने निर्देश दिया कि इस मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी।

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जारी है, जहां कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है।

याचिकाकर्ता के वकील विकास रंजन भट्टाचार्य ने अदालत को बताया कि वे दुविधा में हैं, क्योंकि एक ओर उन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा सौंपे गए कर्तव्यों का निर्वहन करना है, वहीं दूसरी ओर उनकी सेवा शर्तों के अनुसार लक्ष्य पूरा ना कर पाने पर दंड का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के कर्तव्यों के कारण वे पिछले तीन महीनों से अपनी बीमा कंपनी के काम नहीं कर पा रहें हैं। उन्होंने अदालत से प्रार्थना की कि यह निर्देश दिया जाए कि निर्वाचन आयोग के लिए कर्तव्य निभाने से उनकी एलआईसी में सेवा शर्तों पर कोई असर नहीं पड़े।

भट्टाचार्य ने अनुरोध किया कि निर्वाचन आयोग यह सुनिश्चित करे कि संवैधानिक प्राधिकार के तहत अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के कारण, लक्ष्य हासिल ना कर पाने की अवधि को उनके विरुद्ध ना गिना जाए।

निर्वाचन आयोग के वकील ने अदालत को बताया कि कुछ कर्मचारियों को चुनिंदा दिनों के लिए तैनात किया गया है।

एलआईसी के वकील ने बताया कि बीमा कंपनी के 1,210 कर्मचारियों को बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि जबकि कंपनी को अपने कर्मचारियों को निर्वाचन आयोग के काम के लिए उपलब्ध कराना पड़ रहा है, वहीं उसकी व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

भाषा

अमित दिलीप

दिलीप