नयी दिल्ली, 14 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्वाचन आयोग को बिहार की मतदाता सूची से हटाये गए 65 लाख नामों का विवरण प्रकाशित करने का निर्देश दिये जाने को लेकर आयोग ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह मृत मतदाताओं और एक से अधिक मतदाता पहचान पत्र रखने वालों की सूची राजनीतिक दलों के साथ साझा कर रहा है।
निर्वाचन आयोग ने यह भी कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के गणना प्रपत्र में पहले से ही पहचान के प्रमाण के रूप में ‘आधार’ नंबर मांगा जाता है।
आयोग ने कहा कि मृत और स्थायी रूप से स्थानांतरित हुए मतदाताओं की सूची 20 जुलाई से राजनीतिक दलों के साथ साझा की जा रही है।
न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया है कि वह बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मतदाता सूची से हटाए गए 65 लाख नामों का विवरण प्रकाशित करे तथा उन्हें शामिल न करने के कारण भी बताए।
भाषा सुभाष पवनेश
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