लोकसभा की बैठक 12 बजे तक स्थगित, अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दे पर बोलेंगे अध्यक्ष ओम बिरला

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लोकसभा की बैठक 12 बजे तक स्थगित, अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दे पर बोलेंगे अध्यक्ष ओम बिरला

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  • Publish Date - March 12, 2026 / 11:29 AM IST,
    Updated On - March 12, 2026 / 11:29 AM IST

नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) लोकसभा में कांग्रेस सदस्यों के शोर-शराबे के कारण बृहस्पतिवार को कार्यवाही शुरू होने के दो मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सदन में अपने खिलाफ लाए गए विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर दोपहर 12 बजे अपने विचार रखेंगे जिसे बुधवार को सदन ने ध्वनिमत से खारिज कर दिया।

सदन की कार्यवाही शुरू होने पर बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराने का निर्देश दिया।

वह गत 10 फरवरी को विपक्ष द्वारा अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपे जाने के बाद से आज पहली बार सदन की कार्यवाही का संचालन कर रहे थे।

वह आसन पर पहुंचे तो भाजपा सदस्यों ने उनके समर्थन में मेजें थपथपाईं और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए। इस दौरान कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल कोई विषय उठाने का अनुरोध कर रहे थे।

बिरला ने कहा, ‘‘प्रश्नकाल महत्वपूर्ण समय होता है। मेरा आग्रह है कि प्रश्नकाल चलने दें।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं अध्यक्ष होने के नाते पिछले दो दिन की सदन की कार्यवाही पर धन्यवाद भी नहीं दे रहा। प्रश्नकाल इतना महत्वपूर्ण मानता हूं तो प्रश्नकाल चलने दें। मैं दो दिन हुई चर्चा पर 12 बजे अपना पक्ष रखूंगा। आप सभी को उसके लिए धन्यवाद है।’’

बिरला ने कांग्रेस सदस्यों से प्रश्नकाल के बाद अपना विषय उठाने का आग्रह किया। अपनी अपील का असर नहीं होते देख उन्होंने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।

विपक्ष द्वारा बिरला को पद से हटाने के लिए बुधवार को सदन में लाए गए संकल्प पर दो दिन चर्चा हुई। इसे बृहस्पतिवार को गृह मंत्री अमित शाह के जवाब के बाद ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया।

बजट सत्र के पहले चरण में लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को ”बोलने की इजाजत नहीं देने” तथा कांग्रेस की महिला सांसदों पर सदन में अनुचित स्थिति पैदा करने के आरोपों पर विपक्ष ने बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस 10 फरवरी को लोकसभा सचिवालय को सौंपा था।

बिरला ने नोटिस दिए जाने के बाद फैसला किया था कि वह इस मामले का निपटारा होने तक आसन पर नहीं बैठेंगे।

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा