एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही तीन बजे तक स्थगित

एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही तीन बजे तक स्थगित

एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही तीन बजे तक स्थगित
Modified Date: August 8, 2025 / 12:48 pm IST
Published Date: August 8, 2025 12:48 pm IST

नयी दिल्ली, आठ अगस्त (भाषा) विपक्षी दलों के सदस्यों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर शुक्रवार को भी लोकसभा में हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

कांग्रेस और उसके सहयोगी दल मानसून सत्र की शुरूआत से ही एसआईआर के मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए हंगामा कर रहे हैं, जिससे सदन में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।

सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे शुरू होने पर विपक्षी दलों के सदस्यों ने अपने-अपने स्थान पर खड़े होकर ‘एसआईआर वापस लो’ के नारे लगाए।

इस बीच, पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कहा कि आज शुक्रवार होने के कारण 377 का विषय भी लिया जाता है और अगर सदन इस तरह चले तो बहुत मुश्किल होगी।

उन्होंने हंगामा कर रहे सदस्यों से कहा, ‘‘आप इस तरह से मेज नहीं पीट सकते। कृपया इसे तुरंत बंद करिए। यह संसद है। यह लोकसभा है। लोगों ने आपको चुनकर शालीनतापूर्वक प्रतिनिधित्व करने के लिए भेजा है। पूरा देश देख रहा है।’’

विपक्षी दलों के सदस्यों के आसन के करीब पहुंच कर नारेबाजी करने पर पीठासीन सभापति ने कहा, ‘‘मैं माननीय स्पीकर (लोकसभा अध्यक्ष) की मेज पीटने पर कड़ी आपत्ति जताता हूं। यह ढोल नहीं है। मैं इस पर कड़ी आपत्ति लूंगा।’’

उन्होंने कहा कि इस सत्र में बहुत महत्वपूर्ण विधेयक लिए जाने हैं और आप हर दिन ऐसा कर रहे हैं तथा कामकाज नहीं होने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बहुत आपत्तिजनक आचरण हो रहा है।

पीठासीन सभापति ने आसन के करीब नारेबाजी कर रहे विपक्षी दलों के सदस्यों से अपनी-अपनी सीट पर जाने का आग्रह किया। शोर-शराबा जारी रहने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले, सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे आरंभ होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यपाल मलिक के निधन की सूचना सदन को दी। सदन ने कुछ पल का मौन रखकर जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल मलिक को श्रद्धांजलि दी।

इसके बाद, बिरला ने 9 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन की 83वीं जयंती होने का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘हम इस अवसर पर महात्मा गांधी और स्वतंत्रता के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।’’

इसके बाद जैसे ही उन्होंने प्रश्नकाल शुरू कराया, विपक्षी दलों के सदस्य आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे। वे एसआईआर और चुनाव सुधार के मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग कर रहे हैं जिसे सरकार खारिज कर चुकी है।

हंगामे के बीच ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा और स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल सहित कुछ मंत्रियों ने कुछ सदस्यों के पूरक प्रश्नों के उत्तर दिए।

बिरला ने विपक्षी सदस्यों से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपसे पुन: आग्रह कर रहा हूं कि प्रश्नकाल चलने दें। यह महत्वपूर्ण समय होता है। नारेबाजी करना संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है। देश की जनता देख रही है कि नियोजित तरीके से सदन को कैसे बाधित किया जा रहा है।’’

शोर-शराबा जारी रहा और अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 11 बजकर 23 मिनट पर दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

भाषा सुभाष वैभव

वैभव


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