नयी दिल्ली, सात जून (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने के लिए एक सहयोगात्मक रूपरेखा प्रस्तुत की और इस बात पर जोर दिया कि आर्थिक विकास समावेशी होना चाहिए।
यहां माहेश्वरी समुदाय के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिरला ने इस बात पर बल दिया कि आर्थिक विकास को समावेशी और सतत बनाने के लिए उद्यमशीलता और राष्ट्र निर्माण को साथ-साथ आगे बढ़ना चाहिए।
लोकसभा सचिवालय के अनुसार, बिरला ने कहा कि विकास तभी सार्थक है जब इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक नागरिक प्रगति में सक्रिय भागीदार बने।
उन्होंने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ का राष्ट्रीय संकल्प लघु, मध्यम और नवाचार-आधारित उद्योगों में नई ऊर्जा का संचार कर रहा है, जो समावेशी विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षित, कुशल और प्रौद्योगिकी-सशक्त युवा एक विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि ‘विकसित भारत 2047’ का महत्वाकांक्षी लक्ष्य केवल सक्रिय जनभागीदारी, अत्याधुनिक नवाचार और एक साझा सामूहिक संकल्प के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है।
भाषा संतोष नरेश
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