जोरदार धमाके की आवाज सुनी, एसयूवी 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से विस के अंदर आई: चश्मदीद

जोरदार धमाके की आवाज सुनी, एसयूवी 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से विस के अंदर आई: चश्मदीद

जोरदार धमाके की आवाज सुनी, एसयूवी 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से विस के अंदर आई: चश्मदीद
Modified Date: April 6, 2026 / 09:38 pm IST
Published Date: April 6, 2026 9:38 pm IST

नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) दिल्ली विधानसभा में सोमवार दोपहर एक नकाबपोश व्यक्ति तेज रफ्तार एसयूवी कार से गेट को तोड़ते हुए परिसर के भीतर घुसा दिया। वाहन ने पहले बाहर एक ई-रिक्शा को टक्कर मारी और फिर विधानसभा के भीतर प्रवेश कर गया, जहां चालक ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की पार्किंग में खड़ी गाड़ी के अंदर एक गुलदस्ता रखा और वहां से फरार हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अपराह्न करीब दो बजे जब एसयूवी ने ई-रिक्शा को टक्कर मारी, तब उसकी रफ्तार बहुत तेज थी और वह तेजी से परिसर के अंदर दाखिल हुई।

जिस ई-रिक्शा को टक्कर लगी, उसके चालक गौरव ने बताया, “मैंने अपना ई-रिक्शा विधानसभा के गेट नंबर 2 के बाहर खड़ा किया था और मेट्रो गेट के पास ग्राहकों का इंतजार कर रहा था, तभी मुझे लोहे के द्वार से कार के टकराने की जोरदार आवाज सुनाई दी।” गौरव आमतौर पर विधानसभा मेट्रो स्टेशन और मजनू का टीला के बीच यात्रियों को लाने-ले जाने का काम करता है।

उसने बताया कि जब तक वह अपने वाहन के पास पहुंचा, वहां भीड़ जमा हो गई थी। उसने कहा कि कार की रफ्तार करीब 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा रही होगी और वह उतनी ही तेजी से बाहर निकली।

टक्कर से ई-रिक्शा क्षतिग्रस्त हो गया है। गौरव ने बताया कि उसके ई-रिक्शा के पीछे का एक हिस्सा टूट गया और हैंडल तिरछा हो गया।

उसने कहा, “मुझे मरम्मत के लिए कोई(बीमा) दावा भी नहीं मिलेगा।” उसने मरम्मत का खर्च करीब 4,000 रुपये बताया।

चालक ने बताया कि द्वार पर मौजूद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक कर्मी ने कार के प्रवेश करते ही पुलिस और अधिकारियों को सचेत करने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों के प्रतिक्रिया देने से पहले ही वह फरार हो गया।

पुलिस ने उत्तरी दिल्ली से चालक सरबजीत सिंह सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया है और वाहन को जब्त कर लिया है।

सिंह (37) को किसान आंदोलन का समर्थक माना जा रहा है। उसने सोशल मीडिया मंच पर 2020-21 के आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसान नेताओं के समर्थन में कई पोस्ट साझा किए थे। इनमें से कुछ सामग्री बाद में या तो उसके द्वारा या मूल पोस्ट करने वालों द्वारा हटा दी गई थी।

पुलिस ने बताया कि बम निरोधक दस्ते सहित कई टीमों द्वारा विधानसभा परिसर की गहन तलाशी ली गई, जिसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।

भाषा नोमान नोमान माधव

माधव


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