रमजान में मस्जिदों पर नियमानुसार लाउडस्पीकर लगाये जाएं: उप्र अल्पसंख्यक आयोग ने सरकार से कहा

रमजान में मस्जिदों पर नियमानुसार लाउडस्पीकर लगाये जाएं: उप्र अल्पसंख्यक आयोग ने सरकार से कहा

रमजान में मस्जिदों पर नियमानुसार लाउडस्पीकर लगाये जाएं: उप्र अल्पसंख्यक आयोग ने सरकार से कहा
Modified Date: March 21, 2023 / 05:20 pm IST
Published Date: March 16, 2023 1:07 pm IST

अयोध्या (उप्र), 16 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि आगामी रमजान महीने के दौरान मुसलमानों की सुरक्षा के बेहतर इंतजाम किये जाएं और मस्जिदों पर नियमानुसार लाउडस्पीकर लगाये जाएं।

आयोग के अध्यक्ष अशफाक सैफी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘मैंने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर उनसे सभी जिलों के पुलिस प्रमुखों और जिलाधिकारियों को रमजान माह के दौरान मुस्लिम समुदाय के सदस्यों को सर्वोत्तम सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान करने को कहा है। रमजान, 23 मार्च से शुरू होने की उम्मीद है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘रमजान के दौरान, विशेष रूप से ईद पर और शुक्रवार की नमाज के दौरान भी मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ होती है। मैंने उचित सुरक्षा व्यवस्था के लिए कहा है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।’’

सैफी ने दावा किया कि मुस्लिम समुदाय के लोगों से इस तरह की बहुत सारी शिकायतें मिली हैं कि मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर स्थानीय प्रशासन द्वारा जबरदस्ती हटा दिये जाते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने मुख्य सचिव से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि लाउडस्पीकर नियमों के अनुसार लगाये जाएं,ताकि मुसलमानों में सुरक्षा और सद्भाव की भावना महसूस हो।’’

राज्य सरकार ने धार्मिक स्थलों से अनधिकृत लाउडस्पीकर हटाने के लिए अभियान चलाया था। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक आदेश पर राज्य सरकार ने ऐसे निर्देश दिये थे।

सैफी ने मुस्लिम समुदाय के सदस्यों से भी अपील की कि वे मस्जिद परिसरों में ही नमाज अदा करें और उन्हें सड़कों तथा सार्वजनिक स्थानों पर नमाज अदा करने से बचना चाहिए।

उप्र अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष द्वारा मुख्य सचिव को संबोधित पत्र को प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और सभी जिलाधिकारियों, सभी जिला पुलिस प्रमुखों और पुलिस आयुक्तों को भी भेजा गया है।

इसमें रमजान के दौरान मस्जिदों में प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति की भी उचित व्यवस्था करने को कहा गया है।

भाषा सं जफर पारुल वैभव

वैभव


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