कोलकाता, 27 मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच एलपीजी की संभावित कमी की आशंकाओं का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में उत्पादित रसोई गैस को देश के अन्य हिस्सों में नहीं भेजा जाना चाहिए।
केंद्र सरकार द्वारा तेल विपणन कंपनियों को वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से निपटने में मदद करने के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये की कटौती करने के फैसले पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में, बनर्जी ने सवाल उठाया कि क्या इसका लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने कोलकाता हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा, ‘उन्होंने पहले ईंधन की कीमतें चिंताजनक स्तर तक बढ़ा दीं और अब शुल्क में मामूली कटौती कर रहे हैं। मैं चाहती हूं कि लोगों को इसका लाभ मिले।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव ड्यूटी के लिए राज्य में तैनात सरकारी कर्मचारियों और अर्धसैनिक बलों के लिए एलपीजी आवंटन के कारण आम नागरिकों को परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा, “पेट्रोल और गैस सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं लेकिन हल्दिया और राज्य के अन्य हिस्सों में उत्पादित रसोई गैस को बाहर नहीं भेजा जाना चाहिए, खासकर तब जब हमारे राज्य के पुलिस अधीक्षक (एसपी) और जिलाधिकारी को निर्वाचन आयोग द्वारा हटा दिया गया है।”
उन्होंने कहा, “राज्य के बाहर से 10 लाख से अधिक लोगों को चुनाव ड्यूटी पर यहां तैनात किया जाएगा। उन्हें रसोई गैस उपलब्ध करानी होगी लेकिन इससे आम नागरिकों को सिलेंडर की आपूर्ति में कमी नहीं होनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि राज्य ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से केरोसिन की आपूर्ति बढ़ा दी है ताकि उन लोगों को सहायता मिल सके जो अब भी इस पर निर्भर हैं, हालांकि अधिकांश परिवार एलपीजी का उपयोग करने लगे हैं।
इससे पहले, 12-13 मार्च को राज्य सचिवालय में तेल विपणन कंपनियों और गैस वितरकों के साथ अपनी बैठक के दौरान, बनर्जी ने राज्य में गैस भंडार की निगरानी और आपूर्ति संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए 24 घंटे चलने वाले एलपीजी नियंत्रण कक्ष का उद्घाटन किया।
उन्होंने एलपीजी सिलेंडर को राज्य से बाहर भेजने पर रोक और जमाखोरी तथा कालाबाजारी से निपटने के लिए 10 सूत्रीय सलाह और मानक संचालन प्रक्रिया भी जारी की थी।
भाषा राखी संतोष
संतोष