फगवाड़ा, 29 सितंबर (भाषा) लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हुए हिंसक प्रदर्शनों के कुछ दिन बाद, राज्यसभा सदस्य और विश्वविद्यालय के संस्थापक-कुलाधिपति अशोक मित्तल मंगलवार को यहां गांधी चौक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के तहत आयोजित रैली में पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए।
हालांकि, उन्होंने उस विरोध-प्रदर्शन पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया, जिसमें परिसर में एक नलसाज द्वारा एक छात्रा के साथ दुष्कर्म किए जाने के दावों को लेकर विद्यार्थियों ने तोड़फोड़ की थी और नयी दिल्ली-अमृतसर राजमार्ग के एक हिस्से को जाम कर दिया था।
मित्तल ने कहा, ‘मैं इस मुद्दे पर अलग से बात करूंगा, लेकिन आज केवल भाजपा की नशा मुक्त पंजाब यात्रा के बारे में ही सवालों के जवाब दूंगा।’
जब मित्तल से कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने दोहराया कि वह इस मुद्दे पर अलग से बात करेंगे।
कांग्रेस नेता चन्नी और शिअद नेता मजीठिया ने कहा था कि आम आदमी पार्टी (आप) ने एलपीयू को इसलिए निशाना बनाया क्योंकि मित्तल आप छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
इससे पहले, शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान, शिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने और सैकड़ों शिक्षित युवाओं को नौकरियां दिलाने में मदद करने के लिए मंच पर मित्तल को सम्मानित किया गया।
जहां मित्तल ने एलपीयू की घटना पर बाद में जवाब देने का विकल्प चुना, वहीं कुछ भाजपा नेताओं ने इस हिंसा पर बात की।
कार्यक्रम में मित्तल के पहुंचने से पहले, फगवाड़ा के पूर्व महापौर अरुण खोसला ने आरोप लगाया कि एलपीयू में हुई गुंडागर्दी के पीछे राज्य सरकार का हाथ था। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने हिंसा फैलाने के लिए परिसर में बाहर से ‘गुंडे’ बुलवाए थे।
यह यात्रा 13 दिनों तक चलेगी और अंतिम चरण से ठीक पहले के पड़ाव का जिक्र करते हुए मित्तल ने दावा किया कि इस ‘यात्रा’ को जनता का जबरदस्त समर्थन मिला है, जिससे ‘आप’ सरकार ‘बौखला’ गई है।
यह यात्रा बुधवार को जालंधर में समाप्त होगी, जिसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संबोधित करेंगे।
भाषा सुमित अविनाश
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