भोपाल/कटनी, 21 अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कटनी जिले में जमीन खरीदने के लिए दबाव बनाने, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप में नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) नेहा पचिसिया के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद उन्हें तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए।
एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने राज्य के मुख्य सचिव को यह निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव या पद के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अधिकारी ने बताया कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने हाल में सीएसपी पचिसिया की याचिका खारिज कर उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पुलिस विभाग ने भी उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की।
कटनी के पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा ने बताया कि भोपाल की सतर्कता शाखा की शिकायत और जबलपुर जोन के निर्देश पर सीएसपी और अन्य आरोपियों के खिलाफ कुठला थाने में धोखाधड़ी, दबाव बनाने और आपराधिक साजिश के आरोप में मामला दर्ज किया गया।
उन्होंने बताया कि मामला कुठला थाना क्षेत्र में रमेश लोधी की जमीन के लेनदेन से जुड़ा है। विभागीय जांच में पाया गया कि सरकारी गाइडलाइन के अनुसार जमीन का वास्तविक मूल्य 82,86,930 रुपये था।
जांच के अनुसार, कथित तौर पर पुलिस तंत्र और अपने पद का दुरुपयोग करते हुए लोधी परिवार पर दबाव बनाया गया और जमीन महज 18,20,000 रुपये में मारूफ अहमद हनफी के नाम पर बेच दी गई। दस्तावेजों में 15 लाख रुपये का भुगतान चेक से और 3.20 लाख रुपये नकद किए जाने का उल्लेख है।
जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल द्वारा की गई विस्तृत जांच में सामने आया कि जिस हनफी के नाम जमीन खरीदी गई, उसके बैंक खाते में खरीद के लिए पर्याप्त राशि नहीं थी।
अधिकारी ने बताया कि 11 जुलाई 2025 को उसके खाते में केवल 3,036 रुपये थे।
जांच के अनुसार, 15 अप्रैल 2026 को जमीन की रजिस्ट्री के दिन हनफी के खाते में अचानक 15 लाख रुपये स्थानांतरित किए गए, जिनमें 10 लाख रुपये शाइन पार्टनर्स के खाते से और पांच लाख रुपये क्षितिज राज बरापात्रे के खाते से भेजे गए थे।
जांचकर्ताओं ने यह भी पाया कि शाइन पार्टनर्स और बरापात्रे के बैंक खातों में एक ही स्थायी खाता संख्या (पैन) दर्ज है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, बरापात्रे को सीएसपी पचिसिया का करीबी सहयोगी, रिश्तेदार या कारोबारी साझेदार माना जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि लोधी एक आपराधिक मामले की जांच के सिलसिले में जेल में था और इसी दौरान उसकी जमीन को कथित रूप से बेहद कम कीमत पर बेचने के लिए उस पर दबाव बनाया गया।
लोधी के बेटे आकाश लोधी ने आरोप लगाया कि जब उसके पिता ने जेल में रहते हुए हुई विवादित रजिस्ट्री को रद्द कराने और जमीन का हस्तांतरण वापस लेने के लिए आवेदन किया, तो पूरे परिवार को धमकाया गया।
अधिकारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर 18 अगस्त 2026 को जबलपुर जोन कार्यालय ने कटनी के पुलिस अधीक्षक को मामले में कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कुठला थाने में मामला दर्ज किया गया। प्राथमिकी में सीएसपी और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 61, 198, 199(बी), 308(7) और 318(4) के तहत आरोप लगाए गए हैं।
भाषा सं दिमो
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