ईआरसीपी योजना में मध्यप्रदेश के हितों की रक्षा की गई, राजस्थान के साथ हो रहा धोखा : गहलोत

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ईआरसीपी योजना में मध्यप्रदेश के हितों की रक्षा की गई, राजस्थान के साथ हो रहा धोखा : गहलोत

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  • Publish Date - February 25, 2024 / 05:34 PM IST,
    Updated On - February 25, 2024 / 05:34 PM IST

जयपुर, 25 फरवरी (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को लेकर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)सरकार पर भ्रम पैदा करने आरोप लगाते हुए कहा कि इसमें मध्यप्रदेश के हितों की रक्षा की गई है जबकि राजस्थान के साथ धोखा हो रहा है।

धौलपुर में राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ में शामिल होने जा रहे गहलोत ने दौसा में रविवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘ भाजपा ईआरसीपी को लेकर भ्रम पैदा कर रही है.. धोखा दे रही है.. पूरे राजस्थान को धोखा दे रही है। मध्यप्रदेश के हितों की रक्षा की गई है.. वहां बांध बन रहे हैं.. उसका उन्हें लाभ मिल रहा है.. राजस्थान के साथ धोखा हुआ है।’’

उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया, ‘‘धोखा देकर चुनाव जीतने का प्रयास कर रहे है.. इसलिये जानबूझ कर ईआरसीपी को नया नाम लेकर लाये है.. यह जुमला है।’’

गहलोत ने कहा कि हमने कई लोकहित की योजनाएं शुरू की थीं और सरकार से अनुरोध करूंगा कि मानवीय दृष्टिकोण के आधार पर इन्हें बंद नहीं किया जाए।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा ऐतिहासिक है। पूरे विश्व में ऐसी यात्रा किसी ने नहीं निकाली होगी। राहुल गांधी युवाओं, किसानों व बेरोजगारी समेत देशहित के मुद्दों पर मुखर हैं, लोगों को समझा रहे हैं।’’

पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा, ‘‘ राहुल गांधी की यात्रा से लगातार देश में एक आवाज बुलंद हो रही है। नौजवान, किसान,महिला हर वर्ग जो आज अपने आप को उपेक्षित महसूस करता है उसकी आवाज बनने का काम राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी कर रही है।’’

उन्होंने कहा कि राहुल की यात्रा उत्तर प्रदेश से होती हुई रविवार को राजस्थान में प्रवेश करेगी जिसका धौलपुर में स्वागत किया जाएगा। पायलट ने कहा कि यात्रा से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बल मिलेगा।

उन्होंने कहा दावा किया कि 10 साल से सत्ता में भाजपा की सरकार को भी यात्रा की वजह से आत्मचिंतन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

पायलट ने ईआरसीपी परियोजना का जिक्र करते हुए कहा राजस्थान के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाए और जितनी उम्मीद थी उतना पानी मुहैया कराया जाए।

भाषा कुंज दिलीप धीरज

धीरज