चेन्नई, तीन सितंबर (भाषा) मद्रास उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम.के. स्टालिन की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें अप्रैल 2026 के विधानसभा चुनाव में कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र से तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) उम्मीदवार वी.एस. बाबू के निर्वाचन को अमान्य करार देने और उन्हें (स्टालिन को) उस क्षेत्र से विधिवत निर्वाचित घोषित करने का अनुरोध किया गया था।
मुख्य न्यायाधीश एस.ए. धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की पीठ ने कहा कि रिट याचिका कोलाथुर से बाबू के चुनाव पर सवाल उठाती है।
हालांकि, संविधान के अनुच्छेद 329(बी) और ‘जन प्रतिनिधित्व अधिनियम’ की धारा 80 के तहत इस याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता था।
पीठ के अनुसार, याचिकाकर्ता सही मंच के समक्ष चुनाव याचिका दायर कर सकता है, जहां ‘‘जांच और सत्यापन प्रक्रिया’’ सहित सभी आधारों पर बहस की जा सकती है, बशर्ते याचिकाकर्ता यह साबित करे कि नियमों का कथित उल्लंघन चुनाव के नतीजों को काफी हद तक प्रभावित करता है।
पीठ ने कहा, ‘‘उपरोक्त आधार पर इस याचिका के सुनवाई योग्य होने के संबंध में दिए गए निष्कर्ष को देखते हुए यह अदालत जांच और सत्यापन प्रक्रिया के खिलाफ लगाए गए आरोपों के गुण-दोष या पांच अगस्त, 2026 के विवादित आदेश (जिसमें परिणाम के बाद की जांच और सत्यापन प्रक्रिया को सफल प्रमाणित किया गया था) की वैधता पर विचार करना आवश्यक नहीं समझती है। इसलिए इस पर कोई राय व्यक्त नहीं की जा सकती।’’
पीठ ने कहा कि मामले के गुण-दोष से जुड़ी सभी दलीलों को उचित मंच के समक्ष उठाने के लिए खुला रखा गया है। इन दलीलों में कथित नियम उल्लंघन और वीवीपैट मशीन में खराबी से संबंधित दावे भी शामिल हैं।
स्टालिन द्वारा जुलाई में निर्वाचन आयोग में याचिका दायर किए जाने के बाद कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र में इस्तेमाल की गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का सत्यापन संबंधित प्रक्रिया के तहत किया गया था।
अनुच्छेद 329(बी) के अनुसार, ‘‘संसद या राज्य की विधानसभा या विधान परिषद के चुनाव को किसी चुनाव याचिका के जरिये ही चुनौती दी जा सकती है। यह याचिका उसी अधिकारी के पास और उसी तरीके से दायर की जानी चाहिए जैसा कि संबंधित विधायिका द्वारा बनाए गए कानून में बताया गया हो।’’
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 80 में कहा गया है कि चुनाव याचिका के अलावा किसी और तरीके से चुनाव को चुनौती नहीं दी जा सकती।
इस साल अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में टीवीके नेता बाबू ने बेहद चौंकाने वाले परिणाम में कोलाथुर से तीन बार के विधायक स्टालिन को 8,500 से अधिक मतों के अंतर से शिकस्त दी थी।
भाषा सुरभि सुरेश
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