मदुरै: 107 वर्ष पुराने बरगद के पेड़ का जन्मदिन, अनोखे अंदाज में वृक्ष संरक्षण का संदेश

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मदुरै: 107 वर्ष पुराने बरगद के पेड़ का जन्मदिन, अनोखे अंदाज में वृक्ष संरक्षण का संदेश

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  • Publish Date - July 27, 2026 / 12:50 PM IST,
    Updated On - July 27, 2026 / 12:50 PM IST

मदुरै, 27 जुलाई (भाषा) तमिलनाडु के मदुरै में पर्यावरण कार्यकर्ताओं और स्थानीय विद्यार्थियों ने 107 वर्ष पुराने बरगद के पेड़ का जन्मदिन मनाकर वृक्ष संरक्षण का अनोखे अंदाज में संदेश दिया।

मदुरै में बरगद के पेड़ का जन्मदिन ‘हरित प्रकृति महोत्सव’ के रूप में मनाया गया। इसका आयोजन जल निकाय संरक्षण आंदोलन और अन्य जनकल्याण ट्रस्टों ने किया। सेल्लूर तालाब के निकट सेल्लूर-कुलमंगलम मार्ग पर स्थित मीनाक्षीपुरम क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व जल निकाय संरक्षण आंदोलन के संस्थापक अबूबकर ने किया।

कार्यकर्ताओं के अनुसार, 107 वर्ष पुराना यह पेड़ आसपास के क्षेत्र में बचा सौ वर्ष से अधिक पुराना एकमात्र पेड़ है। इससे पहले सड़क चौड़ीकरण और पार्क निर्माण के लिए कम से कम सात अन्य बरगद के पेड़ काटे जा चुके हैं।

भविष्य में किसी आधारभूत ढांचा परियोजना के लिए इस पेड़ की कटाई न हो, इसके प्रति जनजागरुकता फैलाने के उद्देश्य से कार्यकर्ता वर्ष 2019 से हर साल इसका जन्मदिन मना रहे हैं।

स्थानीय लोगों और राजाजी मिडिल स्कूल के विद्यार्थियों ने एकत्र होकर केक काटा, मिठाइयां बांटी और प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लिया।

इस अवसर पर बरगद के पेड़ को सजाया गया। आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों को नोटबुक और पौधे भी वितरित किए।

कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि पेड़ के आसपास फेंके गए कचरे को जलाने से उसे नुकसान पहुंच रहा है। इसके अलावा, ऊपर से गुजरने वाली बिजली की लाइनों के कारण बिजली बोर्ड के कर्मचारियों द्वारा समय-समय पर शाखाओं की कटाई तथा स्थानीय त्योहारों के दौरान पटाखों से होने वाला ध्वनि प्रदूषण भी पेड़ के लिए खतरा बना हुआ है।

इस बीच, करूर जिले के कुलिथलाई क्षेत्र में लगभग 200 वर्ष पुराना एक बरगद का पेड़ गिर गया। इस घटना में दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

भाषा तान्या शोभना

शोभना