देखते हैं नीलेकणि की अगुवाई वाला कार्यबल ऑनलाइन नीट परीक्षा के बारे में क्या सुझाव देता है: न्यायालय

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देखते हैं नीलेकणि की अगुवाई वाला कार्यबल ऑनलाइन नीट परीक्षा के बारे में क्या सुझाव देता है: न्यायालय

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  • Publish Date - July 27, 2026 / 12:59 PM IST,
    Updated On - July 27, 2026 / 12:59 PM IST

नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह इस बात पर नजर रखेगा कि नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में सरकार द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त कार्यबल नीट परीक्षा के ऑनलाइन आयोजन को लेकर क्या सुझाव देता है।

न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि कुछ नए और लीक से हटकर सुझावों की जरूरत है विशेष तौर पर तब जब नीट परीक्षा को पारंपरिक तरीके से (ऑफलाइन) आयोजित करने के बजाय इसके ऑनलाइन आयोजन का प्रस्ताव है।

पीठ ने कहा, ‘‘हमें साइबर सुरक्षा और डेटाबेस सुरक्षा के मामले में कुछ अतिरिक्त सुरक्षा उपाय (करने) की जरूरत है।’’

पीठ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता एवं सांसद सुधाकर सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह याचिका तीन मई को हुए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) के प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द करने और नीट की परीक्षा दोबारा आयोजित कराने की घोषणा के बाद दायर की गई थी।

केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि केंद्र सरकार ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है और इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है।

उन्होंने कहा कि खुद प्रधानमंत्री ने इसकी घोषणा की थी और इस उच्च स्तरीय समिति के प्रमुख नंदन नीलेकणि हैं, जो प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं।

मेहता ने बताया कि नीलेकणी के अलावा, कार्यबल के अन्य सदस्यों में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ, खुफिया ब्यूरो (आईबी) के पूर्व निदेशक तपन डेका, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) चेन्नई के निदेशक वी. कामाकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और ‘लॉजिस्टिक्स’ विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं।

पीठ ने कहा कि वह सांसद सुधाकर सिंह की याचिका को अगले तीन अगस्त को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर रही है।

शीर्ष अदालत ने एक जून को सिंह की उस याचिका को तुरंत सुनवाई के लिए स्वीकार करने से मना कर दिया था, जिसमें 21 जून को नीट-यूजी 2026 की पुनः परीक्षा कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) मोड में कराने का अनुरोध किया गया था।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 12 मई को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच मेडिकल में प्रवेश के लिए तीन मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा को रद्द कर दिया था, जिसके बाद 21 जून को पुन: परीक्षा आयोजित की गई थी।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अभी इस मामले की जांच कर रहा है।

भाषा सुरभि माधव

माधव