लोकसभा में प्रश्नपत्र लीक निरोधक विधेयक पेश, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गतिरोध जारी

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लोकसभा में प्रश्नपत्र लीक निरोधक विधेयक पेश, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गतिरोध जारी

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  • Publish Date - July 27, 2026 / 12:38 PM IST,
    Updated On - July 27, 2026 / 12:38 PM IST

नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के विषय पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कड़े प्रावधान वाला संशोधन विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश किया।

इस बीच, विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के कारण सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

विपक्षी सदस्य दिल्ली में 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई पर जवाबदेही तय करने और गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग करते हुए हंगाामा कर रहे थे।

लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद जब दोपहर 12 बजे आरंभ हुई तो विपक्षी सदस्यों ने फिर से नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के बीच ही कई आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखे गए।

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और कुछ अन्य सदस्यों का नाम लिया और कहा कि क्या इस विधेयक को लेकर वे कुछ बोलना चाहते हैं।

हालांकि, किसी विपक्षी सदस्य ने इस पर अपनी बात नहीं रखी।

बिरला ने कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण विधेयक है। विधेयक से सदन और देश की मंशा पर व्यापक चर्चा होगी। सभी दलों के लोग इस विषय पर बहुत दिनों से चर्चा की मांग कर रहे थे। यह सुधार का प्रथम कदम है। मैं सोचता हूं कि सदन में इस पर चर्चा हो, सभी अपने मत व्यक्त करें ताकि हम इस पर बात कर सकें कि किस तरह से इस विधेयक के माध्यम से पेपर लीक को रोकने का समुचित कदम उठा सकते हैं।’’

उन्होंने हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से कहा, ‘‘मैं इस पर पर्याप्त समय दूंगा। इस महत्वपूर्ण विधेयक पर सदन का सहयोग करें और विधेयक पर चर्चा करें।’’

हंगामा नहीं थमने पर बिरला ने दोपहर 12 बजकर आठ मिनट पर सदन की बैठक अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

लोकसभा सदस्यों को वितरित विधेयक की प्रति के अनुसार, परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल तक के कारावास तथा 50 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है।

लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में संशोधन से संबंधित इस विधेयक में संगठित अपराधों के लिए कम से कम सात साल के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है।

प्रस्तावित संशोधनों के तहत सभी जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होंगी।

विधेयक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को त्वरित अदालतें स्थापित करने का निर्देश देने का भी प्रस्ताव है। ये अदालतें आरोपपत्र दाखिल किए जाने के तीन महीने के भीतर मुकदमे की कार्यवाही पूरी करेंगी।

इससे पहले, प्रात: 11 बजे कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई थी और आज भी प्रश्नकाल नहीं चल सका।

बिरला ने आसन के समीप हंगामा कर रहे कुछ विपक्षी सदस्यों को कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी जो सदन की मर्यादाओं और परंपराओं को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।

भाषा

हक वैभव

वैभव