(फाइल फोटो के साथ)
भुवनेश्वर, 20 सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को कहा कि ओडिशा के साथ महानदी जल विवाद का ‘‘बहुत जल्द’’ समाधान होने की संभावना है क्योंकि केंद्र सरकार इस दिशा में काम कर रही है।
ओडिशा के दो दिवसीय दौरे पर आए साय ने यहां बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘महानदी जल बंटवारे के मामले को लेकर अब कोई विवाद वाली स्थिति नहीं है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ दोनों जगह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार है और केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार है। इसलिए यह मामला बहुत जल्द सुलझ जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दोनों राज्यों ने केंद्र को सहमति दे दी है कि महानदी मुद्दे पर केंद्रीय जल आयोग जो भी फैसला लेगा, हम उसे स्वीकार करेंगे।’’
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री हवाई अड्डे से सीधे ओडिशा के अपने समकक्ष मोहन चरण माझी के आवास के लिए रवाना हो गए।
साय का यह दौरा इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच यह बैठक 28 सितंबर को महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण की अगली सुनवाई से पहले हो रही है।
छत्तीसगढ़ और ओडिशा की तकनीकी टीम की भी 21 सितंबर को अगली बैठक होने वाली है जिसमें दोनों राज्यों के बीच महानदी जल बंटवारे पर चर्चा की जाएगी।
दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने 30 जुलाई को केंद्रीय जल संसाधन मंत्री सी आर पाटिल की मौजूदगी में नयी दिल्ली में इस मुद्दे पर मुलाकात की थी।
बैठक के बाद माझी ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि महानदी जल विवाद दिवाली से पहले सुलझ जाएगा।
दोनों राज्यों के बीच जल विवाद एक दशक से अधिक समय से जारी है। ओडिशा का आरोप है कि छत्तीसगढ़ ने उद्योगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए ऊपरी क्षेत्र में बैराज और बांध बनाकर महानदी के निर्बाध प्रवाह को बाधित किया है।
वहीं, छत्तीसगढ़ का दावा है कि राज्य नदी के पानी में से केवल अपने हिस्सा का ही इस्तेमाल करता है, उससे अधिक नहीं। छत्तीसगढ़ ने यह भी आरोप लगाया कि ओडिशा अपने हिस्से के उपलब्ध पानी का इस्तेमाल करने में विफल रहा है।
इसके बाद केंद्र सरकार ने 2018 में महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन किया था।
भाषा सुरभि सिम्मी
सिम्मी