चेन्नई, 20 सितंबर (भाषा) कांग्रेस की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष मणिकम टैगोर ने रविवार को केंद्र सरकार पर ‘‘अधूरे वादों और आर्थिक विश्वासघात’’ का आरोप लगाते हुए कहा कि हर साल दो करोड़ नौकरियां देने के वादे के बावजूद देश में युवाओं के बीच बेरोजगारी चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है।
टैगोर ने हाल में नीति आयोग और सरकारी लेबर सर्वे का हवाला देते हुए एक बयान में दावा किया कि युवा पीढ़ी अपनी आजीविका बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को जिम्मेदार ठहराएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘2014 से सत्तारूढ़ मोदी सरकार युवाओं से हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का खोखला वादा करके सत्ता में आई थी… लेकिन 12 साल सत्ता में रहने के बाद भी वह इन वादों को पूरा करने में नाकाम रही है। उसके वादे के मुताबिक 12 साल में 24 करोड़ रोजगार दिए जाने चाहिए थे। इसके उलट, देश में बेरोजगारी का स्तर पिछले 45 सालों में सबसे अधिक है।’’
उन्होंने कहा कि अगस्त 2026 में नीति आयोग की एक रिपोर्ट में आधिकारिक तौर पर यह बात सामने आई कि 15 से 29 साल की उम्र के 8.7 करोड़ युवाओं को न तो शिक्षा प्राप्त है, ने रोजगार या न ही उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण मिला है जबकि 79.6 करोड़ लोग पूरी तरह से श्रम बल से बाहर हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि पढ़े-लिखे स्नातक युवाओं में से सिर्फ 8.25 प्रतिशत को ही उनकी योग्यता के हिसाब से रोजगार मिला है, जबकि महिला स्नातक के बीच बेरोजगारी दर 20.4 प्रतिशत है। इससे मोदी सरकार की प्रचार-आधारित राजनीति का असली चेहरा सामने आता है।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि एक तरफ जहां राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) मेडिकल की पढ़ाई के सपनों को तोड़ देता है तो वहीं दूसरी ओर सामाजिक-आर्थिक संकट युवाओं को रोजगार के अवसरों के अभाव में सड़कों पर भटकने के लिए मजबूर कर रहा है।
विरुधुनगर से सांसद टैगोर ने यह भी कहा कि सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से सितंबर 2026 में जारी जिला स्तरीय आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) रिपोर्ट ने स्थानीय स्तर पर भी इस निराशाजनक स्थिति को उजागर किया है।
भाषा सुरभि रंजन
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